गुना के जामनेर में पत्नी की हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने चरित्र शंका में अपनी पत्नी की गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने अपने भाई को फोन कर कहा कि उसने अपनी पत्नी को मार डाला है, उसे बचा लो। राघौगढ़ अपर सत्र न्यायाधीश कंचन सक्सेना ने इस मामले में फैसला सुनाया। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक राकेश व्यास ने की। यह मामला 2022 का है। 24 नवंबर को जामनेर के गोचा आमल्या में रहने वाली विमलेश की हत्या उसके पति जगदीश ने कर दी थी। जगदीश के भाई बबलेश ने पुलिस को बताया कि वे 6 भाई हैं, जिनमें जगदीश सबसे छोटा है। जगदीश के कोई बच्चा नहीं था, इसलिए उसने बबलेश के बड़े बेटे आकाश को गोद ले लिया था। आकाश उन्हीं के पास रहता था। दिन में आकाश उनके पास रहता था और रात में वापस अपने घर आ जाता था। भतीजे पर भी शव करता था जगदीश की पत्नी विमलेश, बबलेश की रिश्ते में साली लगती थी। जगदीश, बबलेश के बेटे आकाश को रात में उनके घर पर रुकने नहीं देता था। जगदीश शुरू से ही अपनी पत्नी विमलेश के चाल-चलन पर शक करता था और आए दिन उसे मारता-पीटता था। वह उन सभी लोगों पर शक करता था। जगदीश, आकाश पर भी शक करता था। भाई को फोन कर बोला- मैंने तुम्हारी भाभी को मार दिया बबलेश ने बताया कि 24 नवंबर को शाम करीब 6:30 बजे उसका बेटा आकाश घर पर आया और बताया कि मौसी विमलेश और दादा जगदीश दोनों घर पर हैं, पता नहीं किस बात पर लड़-झगड़ रहे हैं। रात करीब 9:30 बजे उसके मोबाइल पर जगदीश के मोबाइल से फोन आया। उसने अपने मोबाइल को स्पीकर पर कर दिया और उसका बेटा आकाश उनके पास ही खड़ा था। उसे और उसके भाई जगदीश की फोन पर हो रही पूरी बात स्पष्ट सुनाई दे रही थी। जगदीश फोन पर उससे कह रहा था कि मैंने तुम्हारी भाभी विमलेश को मार दिया है, तुम कहां हो? गांव के सरपंच रघुवीर मीना को बुलाकर घर पर आ जाओ और मुझे बचा लो। आकाश और सरपंच रघुवीर मीना जगदीश के घर पर पहुंचे। उन्होंने घर के अंदर जाकर देखा तो विमलेश खून में लथपथ पलंग पर पड़ी थी। जगदीश उनके पास ही खड़ा था और पलंग के पास ही खून लगा हुआ हंसिया और एक खून लगा हुआ लट्ठ पड़ा था। उन्होंने देखा कि विमलेश की सांस नहीं चल रही थी, वह मर चुकी थी। फिर वे लोग जगदीश को विमलेश के शव के पास छोड़कर भाई सुरेश को बुलाने चले गए और उन सबने बड़े भाई सुरेश को विमलेश की जगदीश के द्वारा हत्या करने वाली बात बताई। उन्होंने बताया कि जगदीश उनके घर पर बैठा है। फिर सभी जगदीश के घर पहुंचे तो वहां पर जगदीश नहीं था। कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची जामनेर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। इसके अलावा जगदीश खंगार पर हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की। उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। विवेचना के बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी माना। अदालत ने आरोपी जगदीश खंगार (52) पिता वंशीलाल खंगार निवासी गोचा आमल्या को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। Post navigation देवास में होटल में ठहरे मैनेजर की संदिग्ध मौत:रात 3:30 बजे चेक-इन किया, सुबह कमरे में मिला शव; पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार सरकारी नौकरी:इंडियन कोस्ट गार्ड में 300 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी, अब 3 मार्च तक करें अप्लाई