डॉग-लवर्स-पर-भड़के-राम-गोपाल-वर्मा:बोले-कहां-थे-जब-दिन-दहाड़े-आवारा-कुत्तों-ने-4-साल-के-बच्चे-को-बेरहमी-से-मारा,-अपने-घर-में-रखो

पॉपुलर फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में उन डॉग लवर्स को फटकार लगाई है, जो सुप्रीम कोर्ट के फैसले का लगातार विरोध कर रहे हैं। फिल्ममेकर ने कहा है कि अगर वाकई उन्हें कुत्तों से प्यार है, तो वो उन्हें अपने-अपने घरों में रख लें। राम गोपाल वर्मा ने अपने ऑफिशियल X (पहले ट्विटर) अकाउंट से लिखा है, ‘हैलो डॉग लवर्स, सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर आप सभी डॉग लवर्स अन्याय का शोर मचा रहे हैं। लेकिन जब एक चार साल के मासूम बच्चे को दिनदहाड़े सड़क पर बेरहमी से मार दिया गया था, तब आप कहां थे? वैसे ही हर साल हजारों लोग कुत्तों के हमलों का शिकार होते हैं। उस समय आपकी करुणा कहां थी? या क्या दया केवल हिलती पूंछों तक ही सीमित है, जबकि मरे हुए बच्चे गिनती में नहीं आते?’ आगे उन्होंने लिखा, ‘और हां, कुत्तों से प्यार करने में कुछ गलत नहीं है। मुझे भी उनसे प्यार है। लेकिन अपने कुत्तों को अपने ही घरों में प्यार करो, अपने आलीशान बंगलों में, अपनी कटी-छंटी लॉन में। अपने इम्पोर्टेड लैब्राडोर, अपने पेडिग्री हस्की, अपने ब्रीडर्स से खरीदे हुए हाई-ब्रीड पालतू रखो और उनके लिए नौकर रख लो। लेकिन सच्चाई यह है, कुत्तों का खतरा आपके आलीशान महलों में नहीं है। यह सड़कों और झुग्गियों में है। यह उन्हीं गलियों में मंडराता है जहां गरीब रहते हैं, जहां नंगे पांव बच्चे खेलते हैं, जहां न कोई गेट है, न कोई सुरक्षा। जबकि अमीर अपने चमकते पालतुओं को सहलाते हैं, बेबस लोग अपने जख्मी बच्चों का इलाज करवाते हैं और अपने मासूमों को दफनाते हैं।’ राम गोपाल वर्मा ने अपनी पोस्ट में आगे कहा, ‘आप कुत्तों के अधिकारों की बात करते हैं। ठीक है। लेकिन बच्चों के अधिकारों का क्या? जीने का अधिकार। माता-पिता का अपने बच्चे को बड़ा होते देखने का अधिकार। क्या ये अधिकार गायब हो जाते हैं सिर्फ इसलिए कि आपको कुत्ते प्यारे हैं? क्या ये अधिकार आपके इंस्टाग्राम पर पालतू के साथ आपकी तस्वीरों से भी कमतर हैं? यह सच सुन लो, करुणा अगर संतुलित न हो तो वह अन्याय है। अगर सच में कुत्तों से प्यार करते हो, तो उन्हें अपनाओ, खिलाओ, और अपने सुरक्षित घरों में रखो। या सरकार से ठोस समाधान की मांग करो। लेकिन अपनी मोहब्बत का बोझ सड़कों पर मत डालो, जहां वह किसी और के बच्चे की मौत बन जाता है।’ अपनी पोस्ट के आखिर में राम गोपाल वर्मा ने लिखा है, ‘गरीबों को अमीरों की भावनात्मक ललक के बदले अपने बच्चों का खून नहीं चुकाना चाहिए। और यह सच्चाई समझ लो, एक समाज जो आवारा कुत्ते की जिंदगी को बच्चे की जिंदगी से ऊपर रखता है, वह समाज अपनी इंसानियत पहले ही खो चुका है।’ बताते चलें कि 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 8 हफ्तों के अंदर दिल्ली-NCR की सड़कों से सभी आवारा कुत्तों को हटाया जाए। आदेश के बाद कई सेलेब्स कोर्ट के फैसले का विरोध कर रहे हैं। इनमें जान्वही कपूर, खुशी कपूर, वरुण धवन, मलाइका अरोड़ा, सौफी चौधरी समेत कई लोग शामिल हैं।