बड़वानी में मनरेगा मजदूरी भुगतान में विलंब से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। जागृत आदिवासी दलित संगठन के नेतृत्व में आदिवासी महिला-पुरुषों ने बुधवार को कलेक्टोरेट में ज्ञापन सौंपा। पाटी ब्लॉक में पिछले डेढ़ महीने से 2 करोड़ 54 लाख रुपए से अधिक की मजदूरी का भुगतान लंबित है। नियम के अनुसार 15 दिन के भीतर मजदूरी भुगतान अनिवार्य है। भुगतान में देरी के कारण मजदूर पलायन कर रहे हैं और गांव खाली हो रहे हैं। संगठन के नेता हरसिंह जमरे, नासरीबाई, बलराम सस्ते और अन्य ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पिछले 10 वर्षों से रोजगार गारंटी योजना को कमजोर कर रही है। बजट कटौती, ऑनलाइन हाजरी और आधार आधारित भुगतान के नाम पर योजना में बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। प्रतिनिधियों ने खाद्यान्न विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। पिछले 6 महीने से नई पात्रता पर्ची जारी नहीं की जा रही है। पात्र हितग्राहियों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। साथ ही, 31 मार्च तक केवाईसी नहीं करने वाले परिवारों को पात्रता सूची से हटाने की चेतावनी दी जा रही है।