रायसेन के माखनी गांव से एक जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। भोपाल के एक वकील ने गांव के सात लोगों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस भेजा है। इससे परेशान होकर ग्रामीण सोमवार को तहसील कार्यालय पहुंचे। गांव के तुलसी राम लोधी, शिवराज लोधी, दिनेश मालवीय समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे पीढ़ियों से इस जमीन पर रह रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि से यहां मकान बनाए हैं। वकील के नोटिस में कहा गया है कि अगर वे जमीन खाली नहीं करेंगे तो न्यायालय में कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार हर्ष विक्रम सिंह ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि बिना प्रशासनिक आदेश के कोई उन्हें नहीं हटा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि मकान तोड़ने या अतिक्रमण हटाने का अधिकार केवल प्रशासन के पास है। तहसीलदार ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। 350 एकड़ का है मामला माखनी गांव के निवासी प्रभु लाल ने दावा किया है। गांव में 350 एकड़ की जमीन है। जो सरकारी भूमि में आती है, उनके परिवार का इस जमीन से सालों से कब्जा है। इस जमीन पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान भी बनाया है। साथी हिंदू देवी देवताओं के मंदिर भी स्थापित है। नोटिस में कहा गया है कि देवी देवताओं की प्रतिमाओं को हटाया जाएगा पर हम ऐसा होने नहीं देंगे। उन्होंने बताया कि गांव में सिर्फ एक ही मुस्लिम परिवार है। उनके द्वारा ही गांव के लोगों को नोटिस दिलवाए जा रहे हैं। हालांकि, तहसीलदार हर्ष विक्रम का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में यह जमीन कब्रिस्तान की है। Post navigation स्वास्थ्य विभाग ने 5 मेडिकल स्टोर मालिकों को भेजा नोटिस:शिवपुरी में बिना डॉक्टरी सलाह के एबॉर्शन किट बेचे जा रहे थे; 7 मार्च तक जवाब मांगा नीमच के इंदिरा नगर में विकास कार्य:20 लाख की नई सड़क का भूमिपूजन, विधायक और नपा अध्यक्ष रहे मौजूद