मऊगंज जिले में शनिवार सुबह करीब 10 बजे बीएमसी फर्स्ट ईयर की एक छात्रा का 500 फीट नीचे बहुती जलप्रपात में शव मिला है। घटनास्थल से छात्रा के बैग से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। मृतक छात्रा कल से स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकली थी। जब वह घर वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने मऊगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। घटना रतनगवा गांव की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। ग्रामीण ने बैग देखकर अपने रिश्तेदार को बताया छात्रा रैना विश्वकर्मा उर्फ पार्वती पिता नंदलाल विश्वकर्मा (17) निवासी रतनगवा गांव मऊगंज कॉलेज में बीएससी प्रथम ईयर में पढ़ती है। रैना पांच बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है। जबकि चौथे नंबर वाली घर पर रहती है। जो कल (शुक्रवार) सुबह करीब 11 बजे स्कूल जाने की बात कहकर घर से निकलती थी। जब रैना दोपहर 2 बजे घर वापस नहीं लौटी, तो परिजनों ने स्कूल से लेकर रिश्तेदारों में खोजबीन शुरू की, देर शाम तक पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने कल शाम करीब 6 बजे मऊगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। आज (शनिवार) सुबह ही प्रपात के पास किसी ग्रामीण ने एक बैग देखा, जिसमें सुसाइड नोट मिला। चट्टानों के बीच फंसा था शव सुसाइड नोट में छात्रा रैना ने घर का पता लिख रखा था। घटना की जानकारी ग्रामीण ने मऊगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार को दी। इसके बाद ग्रामीण के रिश्तेदार पड़ोसी ने आज सुबह करीब 10 बजे मृतिका के पिता नंदलाल विश्वकर्मा को सूचित किया। पिता नंदलाल जब घटनास्थल पर पहुंचा, तो उसे मृतक छात्रा रैना का बैग मिला। आसपास चट्टानों में फंसा शव भी दिखाई दिया, कपड़े से पिता नंदलाल ने पहचान बेटी के शव को पहचान लिया। घटना की सूचना पर पुलिस ने शव को ग्रामीणों का मदद से बाहर निकाला, जिसके बाद पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। छात्रा के बैग से मिला सुसाइड नोट आज मैं दुनिया छोड़कर जा रही हूं अब संसार से मेरा मन ऊब चुका है, अगर आप लोग मुझे माफ कर पाएं, तो कर देना मेरा जीना ही गलत है। इस दुनिया में मैं बस इतने दिन के लिए ही आई थी। इस दुनिया मे आज मेरा अंतिम दिन है। मेरा अंतिम संस्कार करने के लिए आप लोग मेरी लाश ताक नहीं पाएंगे आप लोगों से मेरा निवेदन है कि आप लोग ये बिल्कुल नहीं सोचना कि मैं किसी और के साथ भाग गई हूं। मैं इस दुनिया को ही छोड़कर जा रही हूं, फिर उसके बाद आप लोगों को भी जो सोचना होगा सोच लेना और मेरे मरने की वजह घर का मामला नहीं। बल्कि कुछ और ही है। मम्मी, पापा आप मेरी दुनिया हैं। लेकिन मैं अपने कर्मों की वजह से. The end दुनिया को छोड़कर जा रहे हैं। पिता ने कहा- खाना खाकर कॉलेज के लिए निकली थी पिता नंदलाल विश्वकर्मा ने कहा- बेटी रैना विश्वकर्मा उर्फ पार्वती कल (शुक्रवार) सुबह 11 बजे घर पर पूजा करने के बाद खाना खाई, फिर कॉलेज के लिए निकली थी। मैंने पूछा किराए हैं, तो बोली कि है, फिर भी 50-50 रुपए दिए। इसके बाद वह कॉलेज के लिए गई। जब वह दोपहर 2 बजे के बाद घर वापस नहीं लौटी, तो हमने उसे फोन लगाया, पूरी घंटी जाने बाद उसने फोन नहीं उठाया। मैंने सोचा कि कॉलेज में होगी, फिर 3 बजे फोन मिलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कॉलेज में साथ पढ़ने वाली कई लड़कियों से फोन लगवाई, फिर भी वह फोन नहीं उठा। इसके बाद कॉलेज पहुंचकर चपरासी समेत अन्य लोगों से पता किया, बोले सब छात्र चले गए। इसके बाद हमने मऊगंज थाने में गुमशुदगी का रिपोर्ट दर्ज करवाया। ​​​​​​एसडीओपी मऊगंज अंकिता शूल्या ने बताया कि नईगढ़ी थाना क्षेत्र के बहुती जलप्रपात में करीब 500 फीट नीचे एक नाबालिग लड़की का शव मिला है। जिसका 28 फरवरी शुक्रवार की शाम 6 बजे गुमशुदगी मऊगंज थाने में दर्ज कराई गई थी। डेड बॉडी के साथ सुसाइड नोट मिला है। पुलिस द्वारा सुसाइड नोट की तस्दीक कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।