शिवरात्रि के पावन पर्व पर साईं बाबा नगर स्थित शिव मंदिर से 11 सौ क्वार्टर तक चैतन्य भगवान शिव व पार्वती विवाह के लिए शिव बारात निकाली गई। 15 फीट के नंदी पर बैठे चैतन्य शिव के मस्तक पर चंद्रमा सिर पर गंगाजी, तीन नेत्र, गले में सांप और नरमुंडों की माला थी। बारात में अघोरी, रुद्र, भूत-प्रेत और गण शामिल हुए। श्रद्धालु घोड़े, ऊंट, नंदी, बैल, सपेरे और मदारी के रूप में सजे नजर आए। 1 किमी का रास्ता तय करने में बारात को पूरे 4 घंटे का समय लगा, हर कदम पर भक्तों ने फूल माला व जयकारों के साथ बारात का स्वागत किया। बोल बम और हर हर महादेव के जयकारों ने शहर को शिवमय बना दिया। आयोजन में जबलपुर का इंटरनेशनल श्याम ब्रास बैंड, पुणे-नासिक के लगभग 150 ढोल और उज्जैन के अघोरी शामिल हुए। सबसे खास था इंदौर से आई 15 फीट की नंदी की विशाल प्रतिमा, जिस पर शिवजी स्वयं सवार थे। बारात में 101 किन्नर समुदाय के लोग भी शामिल हुए जिन्होंने सभी को आशीर्वाद प्रदान किया। शिव आराधना का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि बुधवार को अभिषेक, पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों के साथ मनाया गया। बोल बम व हर हर महादेव के जयकारों के बीच सुबह से ही ऊं नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र जाप के स्वर गुंजायमान होने लगे। समिति के सदस्य स्वप्निल ने बताया कि समिति पिछले 11 वर्षों से महाशिवरात्रि पर बारात का आयोजन करती आ रही है। जिसमें चैतन्य रूप में शिव विवाह पिछले 5 सालों से किया जा रहा है। इस वर्ष नवदंपति लकी बुंदेला शिव और स्वाति बुंदेला पार्वती बनी हैं, जिनका विवाह 17 फरवरी को हुआ है।