इलेक्ट्रिक टू व्हीलर मेकर ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शोरूम्स पर छापेमारी की खबरों के बाद सोमवार को कंपनी का शेयर 4% गिर गया। ये 2 रुपए नीचे 54.15 रुपए पर ट्रेड कर रहा है। दरअसल दो दिन पहले देशभर में ओला के कुछ शोरूम्स पर रेड की खबरें आई थीं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रांसपोर्ट अधिकारियों ने ट्रेड सर्टिफिकेट नहीं होने के चलते कई शोरूम्स को बंद कर व्हीकल्स को जब्त किया था। इसके साथ ही कंपनी को ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की ओर से कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। ओला इलेक्ट्रिक ने 2022 से अब तक 4,000 शोरूम्स खोले हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से लगभग 3,400 शोरूम का ही डेटा उपलब्ध है। 3,400 में से 100 शोरूम ही ऐसे थे, जिनके पास मोटर व्हीकल्स एक्ट के तहत जरूरी ट्रेड सर्टिफिकेट थे। कंपनी के 95% से अधिक शोरूम्स में अनरजिस्टर्ड टू व्हीलर्स डिस्प्ले करने, बेचने और उनकी टेस्ट राइड ऑफर करने के लिए जरूरी बेसिक सर्टिफिकेशन नहीं हैं। ओला इलेक्ट्रिक ने कहा- कार्रवाई गलत और पक्षपातपूर्ण ओला के प्रवक्ता का कहना है कि जांच गलत और पक्षपातपूर्ण है। कई राज्यों में ओला के डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स और गोदामों में अनरजिस्टर्ड व्हीकल्स की इन्वेंट्री है। ये मोटर व्हीकल एक्ट के दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन करती है और जरूरी मंजूरियां मौजूद हैं। कंपनी ने शोरूम्स पर रेड को लेकर कोई जानकारी नहीं दी। आल टाइम हाई से 65% गिरा शेयर अगस्त 2024 में शेयरों की लिस्टिंग के बाद ओला का शेयर अपने पीक 157.53 रुपए से 65% लुढ़क चुका है। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयर्स में करीब 20% की गिरावट आई है। इसके अलावा दिसंबर 2024 तक कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 49% से घटकर 23% रह गई। 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों को निकालेगी कंपनी इससे पहले खबर आई थी कि ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड 1,000 से अधिक कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को नौकरी से निकालेगी। कंपनी इसके जरिए अपने बढ़ते घाटे को कम करना चाहती है। इस जॉब कट से प्रोक्योरमेंट, फुलफिलमेंट, कस्टमर रिलेशन्स और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई विभाग प्रभावित होंगे। मामले से परिचित लोगों ने कहा था कि यह छंटनी ओला इलेक्ट्रिक की कॉस्ट कंट्रोल करने की कोशिशों का हिस्सा है। Post navigation Smallcap stocks surge! Rs 4 lakh crore added in 4 days – but is this a bear market rally? What investors should know Investments to surpass consumption in FY26: SBI report