राजधानी में कुल 388 लोकेशन ऐसी हैं जिन पर झुग्गी बस्तियां काबिज हैं। इन 388 में से 280 जमीनें सरकारी हैं। प्रशासन के सर्वे के मुताबिक इन सरकारी और निजी जमीनों पर 1.52 लाख से ज्यादा झुग्गियां हैं। इनमें शहर की करीब 6 लाख आबादी रहती है। इन झुग्गी बस्तियों को हटाने और उन्हें मकान बनाकर देने की योजनाओं पर काम चल रहा है। खुद प्रशासन का मानना है कि अगले 5 साल में शहर में 10 हजार से ज्यादा नई झुग्गियां बन सकती हैं। प्रशासन को यह भी डर है कि जहां से झुग्गियां हटाई जाएंगी, वे भी दूसरी खाली जगहों पर शिफ्ट हो सकती हैं। इसे देखते हुए नई झुग्गियों को बनने से रोकने का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए सबसे पहले शहर में खाली सरकारी और निजी जमीनों की पूरी जानकारी जुटाने का जिम्मा सभी एसडीएम को सौंपा गया। सर्वे में निकलकर आया कि शहर में ऐसी 32,400 एकड़ खाली जमीन है, जहां नई झुग्गियां बस सकती हैं। अब प्लान के तहत इन जमीनों पर पौधरोपण से लेकर शहर की जरूरत के अनुसार अन्य उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। गौरतलब है कि शहर में 280 सरकारी जमीनों पर झुग्गी बस्तियां हैं। इसके अलावा 51 निजी और अन्य विभागों की करीब 100 से ज्यादा जमीनों पर झुग्गियां हैं। विकल्प… पौधरोपण से लेकर उद्योग में इस्तेमाल खाली जमीनों के रिकॉर्ड तैयार होने के बाद इन सभी जगह को फेंसिंग कर संरक्षित किया जाएगा ताकि आने वाले समय में यहां अतिक्रमण न हो सके। चिह्नित जगह पर पार्क या कन्वेंशन सेंटर आदि डेवलप किए जा सकेंगे। स्थानीय जरूरत के हिसाब से उद्योग लगाने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। जैसे भदभदा से झुग्गियां हटाने के बाद फेंसिंग की गई और अब पौधरोपण होगा। नई झुग्गियां रोकने को बना रहे डिटेल प्लान सीएम के निर्देशानुसार शहर को झुग्गी मुक्त करना प्राथमिकता हैै। लोगों को उनका अपना पक्का घर दिया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान 10 हजार से ज्यादा नई झुग्गियां भी बन सकती हैं। उन्हें भी रोकना है। खाली जगहों को लिस्ट कर डिटेल प्लान तैयार किया जा रहा है।’-कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर Post navigation गोशाला में बायोगैस संयंत्र लगाने के दिए निर्देश दादाजी मंदिर निर्माण, जानिए- मीटिंग में क्या हुआ:सभी आर्किटेक्ट ने कुम्हारी मार्बल को रिजेक्ट बताया; मंदिर का नया मॉडल दिया