दादाजी मंदिर निर्माण को लेकर बुधवार देर रात 11 बजे तक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मीटिंग चली। सुबह आर्किटेक्ट्स की ज्वाइंट मीटिंग ली जा चुकी थी। चारों पक्षों के आर्किटेक्ट दादाजी मंदिर पहुंचे थे, जहां मंदिर के एरिया, लाल पत्थर और सफेद मार्बल का अवलोकन किया। सभी ने कलेक्टर और सांसद को अपने-अपने सुझाव दिए। मंदिर के मॉडल और मटेरियल को लेकर एक सहमति बनाई। जिसे मीटिंग में सभी पक्षों के समक्ष रखा गया। पाइंट्स में जानिए मीटिंग में क्या-क्या हुआ… 1. सबसे पहले नया मॉडल रखा, उस पर चर्चा की मीटिंग में दादा दरबार ट्रस्ट, पटेल सेवा समिति, छोटे सरकार समर्थक और जिला प्रशासन की ओर से आर्किटेक्ट्स शामिल हुए। सभी ने विचार-विमर्श कर एक मॉडल तैयार किया। उसे मीटिंग के समक्ष रखा गया। इस मॉडल पर सभी आर्किटेक्ट्स ने सहमति जताई। लेकिन छोटे सरकार के समर्थक पूर्व की मीटिंग में फायनल हुए मॉडल पर अड़ गए। इस पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता और सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि पहले क्या हुआ है, इस पर बात नहीं हो रही है। आगे क्या करना है उस हिसाब से नया मॉडल बनाया है, बाकी सुधार की पूरी गुंजाइश है। छोटे सरकार के एक अनुयायी ने कई तर्क दिए। जिसे आर्किटेक्ट्स ने खारिज कर दिए। एक आर्किटेक्ट ने कहा कि ये लोग अपने हिसाब से चाहते है तो हमें क्यों बुलाया गया। मंदिर के नये मॉडल को लेकर लगभग सभी ने सहमति दे दी। 2. मौजूदा मार्बल रिजेक्ट, लाल पत्थर ही विकल्प मॉडल पर चर्चा के बाद मटेरियल पर चर्चा की गई। एक-एक आर्किटेक्स से पूछा गया कि गुलाबी पत्थर उचित रहेगा या मार्बल। इस पर सभी आर्किटेक्स ने मार्बल को उचित बताया। लेकिन एक स्वर में यह भी कहा कि मंदिर में रखा मौजूदा मार्बल कुम्हारी मार्बल है। जिसे मंदिर निर्माण के लिए उपयोग में नहीं ले सकते है। यह थर्ड क्लास में भी थर्ड क्लास कैटेगरी का मार्बल हैं। मार्बल लगेगा तो एक या डेढ़ नंबर का। या फिर गुलाबी पत्थर ही एकमात्र विकल्प हैं। 3. मार्बल से निर्माण पर 100 करोड़, पत्थर से 25 करोड़ लागत मीटिंग में मॉडल और मटेरियल पर चर्चा के साथ ही इसके अनुमानित बजट को लेकर भी चर्चा की गई। आर्किटेक्ट्स ने मार्बल से मंदिर निर्माण पर करीब 100 करोड़ की लागत बताई है। वहीं गुलाबी पत्थर से निर्माण पर 25 करोड़ रूपए की लागत बताई है। बताया कि गुलाबी पत्थर से अयोध्या राम मंदिर और दिल्ली स्थित अक्षरधाम मंदिर का निर्माण हुआ हैं। इसे बजट के हिसाब से उचित बताया गया हैं। 4. ट्रस्ट के पास बजट संकट, बनेगी मंदिर निर्माण समिति मंदिर ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि उनके पास 7 करोड़ रूपए का मौजूदा बजट हैं। हालांकि वे 25 करोड़ की लागत का मंदिर बनाने को तैयार हैं। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि अगले दो सप्ताह में सभी पक्ष यह तय कर लें कि मार्बल से मंदिर बनाने के लिए 100 करोड़ रूपए का बजट हो पाएगा या फिर 25 करोड़ रूपए के बजट वाले गुलाबी पत्थर के लिए सहमति बनाई जाए। 5. छोटे सरकार के अनुयायी सहमत, मीटिंग 22 मार्च को मीटिंग के दौरान छोटे सरकार के समर्थक कुम्हारी मार्बल से मंदिर के निर्माण काे लेकर अड़ गए। कलेक्टर ने कहा कि कुम्हारी मार्बल को आर्किटेक्ट्स ने रिजेक्ट कर दिया है। उस मार्बल का उपयोग अन्य जगह कर लिया जाएगा। डेढ़ नंबर के मार्बल से ही मंदिर निर्माण होगा। यह राय हमारी नहीं है बल्कि आर्किटेक्ट कह रहे है, जिनमें आपके आर्किटेक्ट भी शामिल हैं। छोटे सरकार के अनुयायियों ने ऑन रिकॉर्ड असहमति जताई। अगली मीटिंग 22 मार्च को होगी। 6. अविश्वास ना हो इसलिए मंदिर निर्माण समिति बनेगी एक व्यक्ति ने मंदिर निर्माण के दौरान अविश्वास की स्थिति पैदा होने की संभावना जताई। इस पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने साफ किया कि मंदिर निर्माण को लेकर एक समिति बनेगी। जिसमें सभी पक्षों के सदस्य शामिल रहेंगे। शहर के गणमान्य लोगों को भी इस समिति में जगह दी जाएगी। दान भी इसी समिति के खाते में आएगा। ट्रस्ट अपना काम करेगा और निर्माण समिति अपना काम करेगी। मंदिर निर्माण के बाद समिति स्वत: ही समाप्त हो जाएगी। Post navigation शहर में खाली जमीनों का सर्वे पूरा:भोपाल में साढ़े 32 हजार एकड़ भूमि, जहां 5 साल में 10 हजार नई झुग्गियां बनने का डर बाबुओं ने पत्नी-बहनों के खातों में भेजे 5 करोड़ रुपए:नाम शिक्षकों के, लेकिन बैंक अकाउंट रिश्तेदारों के; एमपी के 6 जिलों में हेराफेरी