इंदौर नगर निगम के ग्रीन बॉण्ड की तर्ज पर अब प्रदेश के नगरीय निकायों के लिए सरकार बॉण्ड जारी करेगी। इसके लिए ‘पुल फाइनेंसिंग’ मॉडल अपनाया जा रहा है। इसके तहत सभी छोटे नगरीय निकायों के लिए फंड जुटाया जाएगा। ऐसा करने वाला मप्र देश का पहला राज्य होगा, जो पब्लिक फाइनेंसिंग के जरिये निगमों को आर्थिक स्थिति मजबूत कर आत्मनिर्भर बनाएगा। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए दो साल पहले इंदौर ने यह प्रयोग किया था। 244 करोड़ के बॉण्ड जारी किए थे, जिसे अच्छा प्रतिसाद मिला था। इससे जलूद में 60 मेगावॉट का सोलर प्लांट लगाया जा रहा है। सरकार ने इसकी सफलता और इसमें आए निवेशकों की रुचि को देखते हुए पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए योजना बनाई है। भारत सरकार को पत्र भी लिखा गया है। इनमें धार, झाबुआ, आलीराजपुर, मंदसौर, नीमच जैसे छोटे निकायों को फायदा मिलेगा। इंदौर की सफलता देखते हुए फैसला लिया गया : एसीएस एसीएस संजय शुक्ला ने बताया कि छोटे-छोटे नगरीय निकायों के लिए हम पुल फाइनेंसिंग लाने जा रहे हैं। इंदौर में बॉण्ड की सफलता को देखते हुए हम यह प्रयास कर रहे हंै। ऐसा करने वाला मप्र देश का पहला राज्य है। सभी निकाय अलग-अलग प्रक्रिया से गुजरे, उसकी बजाय समूह के लिए एक बॉण्ड जारी किया जाएगा। इंदौर फरवरी 2023 में लाया था ग्रीन बॉण्ड फरवरी 2023 में ग्रीन बॉण्ड लाकर निगम ने सभी को चौंकाया था। ग्रीन बॉण्ड के जरिये निगम ने 244 करोड़ इकट्ठा किए थे। स्वच्छता के मामले में लगातार नंबर वन शहर होने की छवि के कारण देश के सभी राज्यों से निवेशकों ने इसमें रुचि ली। निवेशकों को निगम ने 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज की राशि दी। हर छह माह में किस्त निवेशकों के खाते में ट्रांसफर की। दो किस्तों में ही 20 करोड़ रुपए निगम ने दिए थे। 8.25 प्रतिशत ब्याज दर में से 1.75 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार ने दिया। वहीं 244 करोड़ रुपए की एफडी के एवज में निगम को 7.40 प्रतिशत ब्याज मिला। पीपीपी मॉडल पर यह प्रोजेक्ट आकार लेगा सरकार की योजना है कि सभी की राजस्व क्षमता के मद्देनजर निकायों के लिए एक बॉण्ड जारी किया जाएगा। पुल फाइनेंसिंग कर एक बॉण्ड जारी होगा। मप्र सरकार इंदौर की ही टीम की मदद ले रही है, जिन्होंने ग्रीन बॉण्ड को लागू करने में महती भूमिका निभाई थी। दरअसल, जब निकाय की छोटी बॉडी होती है तो कॉमन प्रोजेक्ट के जरिये फंड जुटाया जा सकता है। इन दिनों सोलर एनर्जी पर सारा फोकस है। इसीलिए 500 मेगावॉट का सोलर प्लांट लाने के लिए पुल फाइनेंसिंग प्रक्रिया अपनाई जा रही है। खास बात यह है कि इंदौर के संतोष मुछाल और उनकी टीम को ही इसकी जिम्मेदारी दी गई है। सभी शहरी निकायों में बिजली की आवश्यकता को देखते हुए यह प्रोजेक्ट लाया जा रहा है। मप्र अर्बन डेवलपमेंट कंपनी इसमें एसपीवी रहेगी। उन्हीं के माध्यम से पुल फाइनेंसिंग अपनाया जाएगा। पीपीपी मॉडल पर यह प्रोजेक्ट आकार लेगा।