राजगढ़ में एएसआई के 17 वर्षीय बेटे अनिल वर्मा की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। अनिल ने अपने जन्मदिन पर डांस किया था। जन्मदिन समारोह में सभी खुशियां मना रहे थे। दो दिन बाद अनिल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। एएसआई पिता का आरोप है कि अस्पताल में गलत इंजेक्शन लगाने से उनके बेटे की जान चली गई। डॉक्टरों का कहना है कि अनिल गंभीर बीमारी से पीड़ित था। अस्पताल से इंजेक्शन की शीशियां जब्त कर ली गई हैं। जन्मदिन की खुशियां बनी आखिरी यादें दरअसल, ASI रमेश वर्मा के छोटे बेटे अनिल वर्मा का 23 फरवरी को जन्मदिन था। परिवार ने घर पर केक काटकर खुशी मनाई। परिवार के लिए यह खुशी का पल था, लेकिन किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह अनिल के जीवन की आखिरी खुशी बन जाएगी। अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में मौत जन्मदिन के अगले दिन मंगलवार रात अनिल को खांसी और बुखार हुआ, जिसके बाद परिवार ने उसे बुधवार सुबह राजगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया। ASI रमेश वर्मा के मुताबिक, इलाज के दौरान डॉक्टरों के कहने पर अस्पताल की नर्स ने दो इंजेक्शन लगाए, जिसके बाद अनिल की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। कुछ ही देर में उसका पूरा शरीर लाल पड़ गया और उसने दम तोड़ दिया। ASI पिता का आरोप – गलत इलाज से गई जान पिता ASI रमेश वर्मा ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे को गलत इंजेक्शन लगाए गए। उन्होंने बताया कि जब बेटे की हालत बिगड़ने लगी तो उन्होंने डॉक्टरों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कुछ ही देर में बेटे की मौत हो गई। जांच में जुटी पुलिस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार ASI रमेश वर्मा ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की, जिसके बाद राजगढ़ SDOP अरविंद सिंह राठौर, तहसीलदार और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल से इंजेक्शन की शीशियां जब्त कर ली हैं और जांच शुरू कर दी गई है। राजगढ़ SDOP अरविंद सिंह राठौर ने बताया कि “परिजनों का आरोप है कि अनिल की मौत गलत इंजेक्शन लगाने से हुई है। शिकायत मिलने पर मर्ग जांच में लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। Post navigation Shaq Wants Luka Doncic to Be Pettier: Is He Holding Back Against the Mavericks? साकेत नगर में मुनि प्रमाण सागर का मंगल प्रवेश:मुनिश्री ने कहा-सकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति कभी तनाव ग्रस्त नहीं होते