साकेत नगर स्थित श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को मुनि संघ का मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य विद्यासागर के शिष्य मुनिश्री प्रमाणसागर, मुनिश्री निर्वेगसागर और मुनिश्री संधानसागर ससंघ पहुंचे। मुनि संघ के स्वागत के लिए कमेटी सदस्य और समाजजन विद्यासागर इंस्टीट्यूट अवधपुरी पहुंचे। साकेत नगर महिला मंडल ने बैंडबाजों के साथ जयकारे लगाए। पाठशाला के बच्चे धर्मध्वजा लेकर चल रहे थे। जैन समाज ने जगह-जगह रंगोली बनाकर पाद प्रच्छाल और आरती की। नित्य नियम-पूजन-अभिषेक के बाद मुनिश्री प्रमाण सागर ने कहा कि सकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति कभी तनाव ग्रस्त नहीं होते। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में धैर्य खोने से समस्याएं और बढ़ जाती हैं। सकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। मंदिर के अध्यक्ष नरेंद्र टोंग्या ने कहा कि मुनि संघ की अगवानी और आहारचर्या का अवसर पाकर वे धन्य हो गए हैं। संपूर्ण साकेत/शक्ति नगर जैन समाज में उत्सव जैसा हर्षोल्लास का माहौल था। प्रवचन से पूर्व भेल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एसआरप्रसाद, डॉ. सुधा जैन, डॉ. अजय जैन, नरेंद्र जैन टोंग्या, बाबड़िया कला जैन मंदिर के अध्यक्ष अशोक जैन और समाज के अन्य विशिष्टजनों ने दीप प्रज्जवलन किया। इसके बाद योगिता जैन, सुषमा जैन और डॉ. प्रज्ञा जैन ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। मुनिश्री प्रमाण सागर ने साकेत नगर मंदिर में स्थित सभागार का नामकरण “कंचन श्री सभागार” करते हुए सभागार का उद्घाटन किया। मुनिश्री प्रमाण सागर की आहार चर्या का सौभाग्य सुगंधीलाल, रोहित जैन परिवार, मुनिश्री निर्वेग सागर के आहार का सौभाग्य नरेंद्र जैन टोंग्या एवं परिवार, मुनिश्री संधान सागर के आहार का सौभाग्य प्रमोद शाह एवं परिवार और पांच छुल्लकों को आहार देने का सौभाग्य यश बड़कुल, मनोज जैन, अजय जैन, आदित्य मन्या जैन, अमिताभ मन्या जैन एवं परिवार को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष नरेंद्र टोंग्या, सचिव महेंद्र जैन चंदेरी, कोषाध्यक्ष ताराचंद जैन, सुगंधी लाल जैन, रोहित जैन, मंगलवारा जैन मंदिर अध्यक्ष आदित्य मन्या, सोनागिरी जैन मंदिर अध्यक्ष नरेंद्र पिंडरई, रुचि लाइफ एस्केप अध्यक्ष प्रमोद जैन, शैलेन्द्र जैन, नीलेश जैन, शरद जैन, देवेंद्र नौहराकलां, अजय जैन, राजेश जैन, धर्मेंद्र जैन, अनुराग पंचोलिया, अमिताभ मन्या जैन, आलोक जैन, देवेश जैन, सुनील जैन, आशीष भागवतकर, डॉ. अभिषेक सिंघई, सकल जैन समाज के विभिन्न मंदिर समितियों के पदाधिकारियों समेत अनेक राजनीतिक, प्रशासनिक और व्यापारिक क्षेत्र के वरिष्ठजनों ने अपनी उपस्थिति देकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। पाद प्रच्छालन और मुनिसंघ की आरती करने का सौभाग्य देवेंद्र जैन नौहराकलां, राजश्री बसंत जैन एवं परिवार को प्राप्त हुआ। साकेत नगर के बाद संघ का विहार नारायण नगर होते हुए बावड़िया कलां की ओर हुआ। वहीं भगवान श्री 1008 सुब्रतनाथ जी मोक्ष कल्याणक महोत्सव के अवसर पर शहर के 100 वर्ष प्राचीन श्री 1008 चन्द्रप्रभ जैन मंदिर जी में 100 किलो लाडू चढ़ाने के साथ ही शहर के इतिहास में पहली बार अरहंत दीप अर्चना की गई। शनिग्रह अरिष्ट निवारक तीर्थंकर श्री मुनि सुब्रतनाथ जी का निर्वाण महोत्सव सकल जैन समाज मंगलवारा में भक्ति-भावना एवं नृत्य-आरती के साथ मनाया। अध्यक्ष आदित्य मन्या, सचिव विजय श्वेता ने बताया कि इस महोत्सव में मुनिश्री विशाल सागर एवं श्री विभोर सागर के सानिध्य में अरिहंत परमेष्टी के 46 गुणों का चौपाई के साथ विधान, दीप-अर्चना हुई। विशाल माढ़ने पर घी के 46 बड़े दीपकों के साथ सौधर्म इन्द्र, कुबेर इन्द्र एवं महायज्ञ नायक के साथ लगभग 100 इन्द्र-इन्द्राणियों एवं 46 परिवारों ने क्रमवार अर्चना कर दीप एवं लाडू अर्पित किए। महिला मण्डल की अध्यक्षा नीता रोशला, मनीषा मन्नु, सविता मन्या, जया कोच्छल, तारा देवी, नीता नायक, सरोज अरविन्द के साथ राकेश नायक, मनोज, महेंद्र पिन्टु, प्रदीप, रजनीश जैन आदि के परिवारों ने इन्द्र बनकर पूजा अर्चना की। मुनिश्री विशाल सागर ने प्रवचन में कहा कि- “जीवन का अंतिम सत्य यही है कि साधना करें, समाज को नई दिशा दें एवं दीक्षा लेकर मोक्षगामी जीव बनें।” Post navigation जन्मदिन पर डांस, दो दिन बाद मौत:राजगढ़ में ASI के 17 साल के बेटे ने अस्पताल में दम तोड़ा, गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप देवास में महाशिवरात्रि पर निकली शिव बारात:केरल से लेकर मुंबई तक के कलाकारों ने प्रस्तुत की झांकियां, हजारों श्रद्धालु जुटे