संगठन, सत्ता के हर संकट में संकटमोचक बने डॉ. नरोत्तम मिश्रा हम सभ हनुमानजी को संकटमोचक के नाम से पूजते हैं, जानते हैं औैर उन्हें मानते हैं। मध्यप्रदेश की सरकार में कई बार ऐसे संकटों ने घेरा, जिससे निकलना इतना आसान नहीं था, लेकिन डॉॅ. नरोत्तम मिश्रा ने सरकार औैर मुख्यमंत्री के लिए हर संकट में संकटमोचक बनकर उबारने का कार्य बखूबी से किया। डॉ. नरोत्तम मिश्रा चाहे सरकार के साथ कोई संकट हो या फिर संगठन में कोई अहम भूमिका का निर्वहन करना हो, हर मोर्चे पर सर्वोत्तम बनकर ही सामने आए हैं।15 अप्रैल 1960 को ग्वालियर में डॉ. शिवदत्त मिश्रा के यहां जन्मे डॉ. नरोत्तम मिश्रा छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लगाव ने उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित किया और वे राजनीति के माध्यम से जनसेवा के परोपकारी कार्यों को अंजाम देने लगे। डॉ. नरोत्तम मिश्रा वर्ष 1977-78 में जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर के छात्रसंघ के सचिव रहे। इसके बाद उन्हें युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया गया। वर्ष 1990 में विधायक निर्वाचित हुए। डॉ. नरोत्तम मिश्रा एक जून, 2005 को तात्कालिन मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर के मंत्रिमण्डल में राज्यमंत्री, 4 दिसम्बर, 2005 को तत्कालिन मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमंडल में मंत्री, 28 अक्टूबर 2009 को कैबिनेट मंत्री, 2013 में कैबिनेट मंत्री और 2020 में प्रदेश के गृहमंत्री रहे हैं।डॉ. नरोत्तम मिश्रा का नाम हमेशा से प्रदेश की राजनीति में एक ऐसे नेता के रूप में लिया जाता है, जो संगठन, सत्ता के हर संकट में संकटमोचक बने रहे है। बात चाहे सरकार के संकट की हो या फिर चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी को कांग्रेस से भाजपा में लाने की हो या फिर वर्ष 2020 में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के पतन के बाद भाजपा की सरकार बनाना हो, इन सभी मोर्चों पर डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अहम भूमिका निभाई है। प्रदेश की राजनीति में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को ऐसे नेता के रूप में जाना जाता है, जो हर फन में माहिर हैं। वे प्रदेश की राजनीति में ब्राम्हण वर्ग का बड़ा चेहरा हैं। संगठनात्मक रूप से भी उनकी भूमिका हर मोर्चे पर अहम एवं सफल रही है। यही कारण है कि जब भी सरकार या संगठन में कोई अहम जिम्मेदारी या भूमिका निभानी होती है तो डॉ. मिश्रा को ही जिम्मेदारी सौंपी जाती है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा केंद्रीय नेताओें के लिए भी हमेशा से भरोसेमंद साबित हुए हैं। विभिन्न राज्यों में हुऐ विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में डॉ. मिश्रा ने अहम भूमिका का निर्वहन किया हैं।डॉ. नरोत्तम मिश्रा 15 माह की कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के निशाने पर भी रहे हैं। कमलनाथ सरकार के राजनितिक विद्वेष की कार्यवाही भी सही, हालांकि कमलनाथ को सत्ता से बाहर होना पड़ा। कमलनाथ सरकार गिरने बाद मार्च 2020 में श्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में फिर मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई तब कोरोना संक्रमर्ण फैल चुका था। उस समय डॉ. नरोत्तम मिश्रा को प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौपी गई और उन्होंने कोरोना संक्रमण से भी प्रदेश की जनता को बचाने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को गृह विभाग जैसा अहम दायित्व सौंपा। डॉ. मिश्रा पेशे से कृषक हैं और राजनीति उनके लिए सेवा का माध्यम है। उनकी सहजता, सरलता और सहृदयता हमेशा से लोगों को अपनी ओर आर्कषित करती रही है। वे जब अपने विधानसभा क्षेत्र दतिया में रहते हैं तो वहां लोगों की मदद करना और उनके सुख-दुखों में सहभागिता करना उन्हें लुभाता है तो वहीं जब वे राजधानी में होते हैं तो यहां भी उनके सेवा कार्य अनवरत जारी रहते हैं।डॉ. नरोत्तम मिश्रा कार्यकर्ता के रूप में पार्टी का मेरूदण्ड बनकर संगठन को सर्वस्पर्शी बनाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने अपनी संगठन क्षमता से कार्यकर्ता को अपना मुरीद तो बनाया, अपने को कार्यकर्ता का सखा, मित्र और मार्गदर्शक भी साबित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच सद्भाव का सेतु बनाया है। नर सेवा को ही नारायण सेवा समझने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्रा को ऐसे ही लोग अदम्य साहस और शौर्य का प्रतीक नहीं कहते हैं। जनता की सेवा में हमेशा तत्पर्य रहने वाले डॉ. नरोत्तम मिश्रा की वह तस्वीर कभी नहीं भुलाई जा सकती जब अगस्त 2021 में वह बाढ़ में फंसे लोगो को बचाने के लिए खुद ही अपने प्राणों की परवाह किए बिना बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोगों को बचाने के लिए उतर जाते है। उस समय उन्होंने तनिक भी अपने प्राणों की परवाह नहीं की और यह भी नहीं सोचा की उनकी इस दौरान जान भी जा सकती है। यही उनका अदम्य साहस और शौर्य है जो उन्हें अन्य राजनीतिज्ञों से अलग बनाता है। लेखक- जगदीश यादव भोपाल के वार्ड 25 के पार्षद और महापौर परिषद के सदस्य (राजस्व विभाग) है। Post navigation Bollywood Actor Salman Khan received another death threat where an unidentified person sent a message to Worli Transport Department saying that he would kill the actor in his residence and bomb his car. जिनके कद के आगे पद भी बौने है…नाम है डॉ नरोत्तम मिश्रा