अनुपम-खेर-चार-लोगों-के-साथ-चॉल-में-रहे:10-साल-से-किराये-के-घर-में-हैं,-मां-की-खुशी-के-लिए-शिमला-में-बनाया-आशियाना

दुबई में आयोजित दैनिक भास्कर रियल्टी अवॉर्ड 2025 के दौरान एक्टर अनुपम खेर ने रियल एस्टेट पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मैं जिस दौर से गुजर चुका हूं उसके बाद चीफ गेस्ट बनना कोई कमाल की बात नहीं है। इस दौरान उन्होंने मुंबई में अपने पहले आशियाने से लेकर शिमला में अपनी मां के लिए घर खरीदने के बहुत रोचक किस्से सुनाए। छोटे से कमरे में चार लोगों के साथ रहा जब मुंबई पहली बार आया तो चॉल में एक छोटे से कमरे में चार लोगों के साथ रहा। उस चॉल की मालकिन धोबन थीं। अपने 2-3 बच्चों के साथ परदे के उस पार किचन में रहती थीं। घर में कोई पंखा नहीं था। मुंबई पहुंचने के दूसरे दिन मैंने मकान मालकिन के बेटे से कहा कि यहां का पता तो बता ताकि पता चले कि कहां रहता हूं। उसने जब कागज पर पता लिखकर दिया तो उसे पढ़कर बहुत हंसा। जबकि हंसने की स्थिति में नहीं था। क्या था पता? अनुपम खेर, 2/15, खेरवाडी, खेरनगर, खेर रोड, बांद्रा (ईस्ट), मुझे लगा कि अब यहां कुछ करने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है। उसके बाद मैंने अपना पहला घर एक बेड रूम हॉल का डायरेक्टर रमेश बहल से कालूमल एस्टेट में लिया। फिर वहीं पास में दूसरा घर चार बेडरूम का लिया। 10 साल से किराये के घर में हूं फिर 10-12 साल पहले हमने डिसाइड किया कि इससे भी बड़ा घर लेते हैं। जब घर ढूंढना शुरू किया तो छह साल लग गए। कोई ढंग का घर नहीं मिल रहा था। मुझे तो कैसा भी घर चलता, लेकिन किरण जी को कोई घर पसंद नहीं आ रहा था। फिर वो राजनीति में चली गईं और चंडीगढ़ रहने लगीं। उसके बाद से मुंबई में किराये के ही घर में रह रहा हूं। शिमला में मां के लिए घर लिया मैंने 7-8 साल पहले अपनी मां से पूछा कि आपके बेटे अच्छा कमा रहे हैं। पोते-पोतियां हो गईं है, अब आपकी क्या इच्छा है? उन्होंने कहा- मैं शिमला में अपना घर लेना चाहती हूं। मैंने कहा कि अब हम तो शिमला में नहीं रहते हैं। पिताजी के जाने के बाद मुंबई में रहते हैं। वो बोलीं- मैं 59 साल शिमला में किराये के मकान में रही। अब चाहती हूं कि शिमला में एक घर की मालकिन बनूं। मैंने शिमला में घर ढूंढना शुरू किया। ब्रोकर से कहा कि किसी को मत बताना कि कौन घर खरीद रहा है? मकान मालिक से अपनी पहचान छुपाई अगर मकान मालिक को पता चलेगा कि अनुपम खेर खरीद रहे हैं तो कहीं घर का रेट दोगुना ना कर दे। मां को सिर्फ एक छोटा सा एक बेड रूम का कमरा चाहिए था। ब्रोकर ने आठ बेडरूम का घर देखा। उसी के दूसरी तरफ एक बेडरूम हाल का घर था। मां को वह घर पसंद आया। मैंने मकान मालिक से बात की। वो ऑस्ट्रेलिया जा रहे थे। उनकी मां उस घर में रहती थीं। मां के देहांत के बाद वो उस घर को बेचना चाहते थे। उनको पता चला कि खरीदने वाला अपनी मां के लिए घर ले रहा है। जब उन्होंने मुझसे बात कि तब मैंने अपना नाम प्यारे लाल बताया। यह मेरे चाचा जी का नाम है। उस समय यही नाम सुझा और बता दिया। 20 परसेंट कम रेट में घर मिला मकान मालिक ने कहा कि आप अपनी मां के लिए घर ले रहे हैं, इसलिए 10 परसेंट छोड़ देता हूं। पर आपकी आवाज बहुत जानी पहचानी है। मैंने उन्हें कुछ नहीं बताया। मां गुस्से में हो गईं कि इतना बड़ा घर क्या करूंगी? मैंने कहा कि यही लेना है, नहीं तो कुछ भी नहीं लेना है। जब डील हो गई तब मैंने मकान मालिक को अपना नाम बताया तो उसने 20 परसेंट और कम कर दिया। बोले कि आप मेरे मां के फेवरेट एक्टर हैं। अब उस घर में मां जाती हैं तो उन्हें अलग तरह की खुशी मिलती है।