जबलपुर में हिस्ट्रीशीटर की प्रताड़ना से एक जेल प्रहरी इस कदर परेशान है कि वह अपने सपनों का घर बेचने को तैयार है। प्रहरी ने अफसरों के चक्कर काटे। शिकायतें भी कीं लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली। उल्टा बदमाश की हरकतें और बढ़ गईं। उसके गुर्गे जेल से लेकर घर तक पीछा करते हैं। खुलेआम धमकी देते हैं कि जल्दी घर खाली नहीं किया तो अंजाम भुगतने को तैयार रहना होगा। परेशान होकर प्रहरी ने अब दूसरे शहर में शिफ्ट होने की तैयारी शुरू कर दी है। विवाद की शुरुआत 2 साल पहले हुई थी। तब सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल में पदस्थ आरक्षक मोहन कुमार ने हनुमान ताल थाना अंतर्गत खेरमाई मंदिर के पीछे एक मकान खरीदा था। कुछ दिन तक तो ठीक रहा। लेकिन इसके बाद पड़ाेसी हिमांशु कोरी ने घर के सामने कारें खड़ी करना शुरू कर दिया। जब मना किया तो उसने धमकाया। कहा- यह मकान मैं खरीदना चाहता था। तुमने खरीद लिया। अब इसे मुझे बेच दो। जेल प्रहरी ने मना किया तो आए दिन झगड़ा करना शुरू कर दिया। गुंडे पीछा करते हैं, दरवाजा खटखटाते हैं जेल प्रहरी मोहन कुमार का कहना है कि 2 साल पहले खेरमाई मंदिर के पीछे घर खरीदा था। मोहन को परिवार के साथ रहते कुछ महीने ही हुए थे कि हिमांशु कोरी की नजर घर पर पड़ गई। वह हर हाल में घर पर कब्जा करना चाह रहा था। उसने कई बार धमकाया भी। जब मैं घर छोड़ने को तैयार नहीं हुआ तो उसने गुंडों को पीछे लगा दिया। देर रात जब जेल ड्यूटी से छूटकर घर जाता हूं तो बदमाश पीछा करते हैं। रात में दरवाजा खटखटाते हैं। मकान पसंद आ गया है, खाली कर देना मोहन कुमार ने कहा- शुरुआती कुछ दिन तो सबकुछ ठीक रहा। मैं और मेरी पत्नी आराम से रह रहे थे। कुछ माह पहले अचानक ही बदमाश हिमांशु कोरी ने मकान को लेकर धमकी देना शुरू कर दिया। उसका कहना था कि प्यार से समझाते हुए बहुत हो गया। अब तो जान से जाएगा। तेरे खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज करवा दूंगा। पूरा हनुमान ताल थाना मेरा है। महंगी-महंगी गाड़ियों में घूमना, अवैध काम करना और गैंग बनाकर धमकाना ये उसका काम है। लोगों ने मुझे बताया कि हिमांशु ने अपनी गैंग में लड़कियां भी शामिल कर रखी हैं। वे उसके कहने पर किसी के खिलाफ भी पुलिस में जाकर झूठी शिकायत करती रहती हैं। हिमांशु पर 50 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज मोहन ने बताया कि हिमांशु कोरी के खिलाफ न सिर्फ हनुमान ताल बल्कि शहर के अधिकतर थानों में 50 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट, अवैध हथियारों की तस्करी जैसे कई संगीन अपराध में वह शामिल है। हाल ही में अवैध हथियार के मामले में जेल से छूटकर आया है। पुलिस से शिकायत की तो दुश्मन बन गया प्रहरी ने कहा- 22 अप्रैल 2024 को मोहन कुमार ने हिमांशु के खिलाफ हनुमान ताल थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। यह उसे इस कदर नागवार गुजरी कि उसने बदला लेने के लिए 24 घंटे घर के बाहर गुर्गे तैनात कर दिए हैं। जिसके सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को दिए, पर कार्रवाई नहीं हुई। हाथों में कागज लेकर भटक रहा जेल प्रहरी जबलपुर केंद्रीय जेल में पदस्थ मोहन कुमार बीते कई दिनों से पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहा है। कभी सीएसपी तो कभी एएसपी तो फिर कभी एसपी के पास जाकर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायतों की एक मोटी फाइल बन चुकी है। सीएम हेल्पलाइन में भी आवेदन किया लेकिन वहां से भी कुछ मदद नहीं मिली। एसपी से भी की शिकायत, मिला आश्वासन जेल प्रहरी ने अपनी शिकायत लेकर जबलपुर एसपी सम्पत उपाध्याय से मुलाकात की और बताया कि वह हिस्ट्रीशीटर बदमाश से बहुत ज्यादा परेशान है। जिस पर एसपी ने कार्रवाई का भरोसा देते हुए जांच सीएसपी आकांक्षा उपाध्याय को सौंपी है। सीएसपी आकांक्षा उपाध्याय ने कहा- जेलकर्मी मोहन कुमार ने शिकायत की थी। हनुमान ताल थाना प्रभारी को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही बदमाश हिमांशु को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… तहसीलदार बोले- बहन से शादी करो या एक करोड़ दो नीमच में जावद जनपद पंचायत सीईओ आकाश धारवे (32) के अपहरण मामले में तहसीलदार जगदीश रंधावा, पांच पटवारी समेत 12 आरोपियों को आरोपी बनाया गया है। छह लोगों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। रास्ते में जनपद सीईओ धारवे से आरोपी कहते रहे कि एक करोड़ रुपए दो या युवती से शादी करो। पढ़ें पूरी खबर… Post navigation नेता प्रतिपक्ष एक बार फिर विवादों में:सिंघार की पत्नी की याचिका; आईपीएस की मदद से उन्होंने गर्लफ्रेंड की हत्या को सुसाइड घोषित करवाया Elon Musk accuses Biden of blocking SpaceX mission to bring Sunita Williams home