एक्टर वरुण बडोला और रजत वर्मा टीवी शो ‘इत्ती सी खुशी’ में साथ नजर आ रहे हैं। सोनी सब का ये शो 18 अगस्त को ऑन एयर हो चुका है। इस शो के जरिए वरुण बडोला पांच साल बाद टीवी पर कमबैक भी कर रहे हैं। दैनिक भास्कर इंटरव्यू से बातचीत में वरुण और रजत दोनों का ऐसा कहना है कि इस शो में उनका निभाया गया रोल, उनके अब तक के निभाए गए किरदार से बहुत अलग है। वरुण, ‘इत्ती सी खुशी’ जैसे कॉन्सेप्ट में आपका किरदार ऑडियंस के लिए क्या मैसेज देगा? मैं तो कहूंगा कि मेरा किरदार से जनता कुछ नहीं सीखें तो बढ़िया है। शो में मेरा किरदार दिन भर दारू पीता है। घर का कोई ख्याल नहीं रखता है। मेरा किरदार बहुत ही इरिटेटिंग है। रजत आपका किरदार इस शो में क्या रोल प्ले करता है और उसके इमोशनल लेयर्स क्या हैं? इस शो में किरदार बहुत फन लविंग और चार्मिंग है। बहुत जुगाडू टाइप का बंदा है। थोड़ा सा मिस्टीरियस है। कहानी में मेरा किरदार धीरे-धीरे रिवील होगा कि मेरे किरदार के इर्द-गिर्द क्या पहेली है। बाकी अन्विता उसे पसंद है। उस अन्विता के लिए स्पार्क फील हुआ है। इस पहले मैंने जितने भी रोल निभाए हैं, वो टिपिकल हीरे वाले थे। ये वाला किरदार उनसे बहुत अलग है। वरुण, आपने टीवी पर कई बार पिता का रोल निभाया है। इस किरदार में क्या नया है आपके लिए? इससे पहले जितनी बार भी पिता का रोल किया है, कोई भी इस किरदार जैसा नहीं था। उस हिसाब से देखे तो मेरे लिए सबकुछ नया और अलग ही है। इस शो में किरदार अपनी जिम्मेदारियों से भागता है। उसके लाइफ में जो भी करना चाहिए, उसको बिल्कुल उल्टा कर रहा है। उसका अपना बच्चों के सामने बस एक ही दावा रहता है कि तुम्हारी मां छोड़कर चली गई और मैं टिक रहा इसलिए तुम मुझे अब झेलो। रजत, आपको क्या लगता है कि इस शो में यूथ ऑडियंस को क्या सबसे ज्यादा कनेक्ट करेगा? मेरे ख्याल में शो के हर एक चीज से यूथ कनेक्ट कर पाएंगे। जिस तरह से अन्विता या उसकी फैमिली को दिखाया गया है। आजकल लड़का-लड़की दोनों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं रहा है। दोनों पर बराबर जिम्मेदारी आती है। कैसे सुम्बुल की किरदार अन्विता सबकुछ संभालती है, उससे यूथ ऑडियंस कनेक्ट कर पाएगी। शो में बहुत सारे अलग-अलग किरदार हैं। उन सबसे ऑडियंस कहीं ना कहीं खुद को रिलेट कर पाएगी। वरुण, रियल लाइफ पेरेंटिंग और ऑन स्क्रीन पेरेंटिंग में सबसे बड़ा डिफरेंस क्या लगाता है आपको? बहुत ज्यादा फर्क है। ऑन स्क्रीन पेरेंटिंग में आप बच्चों को नहीं मार सकते हैं। Post navigation गाना हिट होगा ये सोच लेना अक्लमंदी नहीं- इरशाद कामिल:सैयारा ट्रैक के राइटर बोले- सोशल मीडिया फॉलोअर्स दिला सकता है, लेकिन बने रहने के लिए टैलेंट जरूरी शाहरुख संग काम करने के सवाल पर सुचित्रा कृष्णमूर्ति बोलीं:डेब्यू फिल्म और मैरिज के सवालों से आजादी चाहती हूं; लॉन्च किया ‘वंदे मातरम’ सॉन्ग