कलेक्टर दीपक सक्सेना ने लक्ष्य से कम राजस्व वसूली के लिए जिले के 10 तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तहसीलदारों को दो दिन के भीतर जवाब देना होगा। नोटिस जारी किए गए अधिकारियों में जबलपुर ग्रामीण की नीलिमा राजलवाल, आधारताल की जानकी उइके, रांझी के राजीव मिश्रा, गोरखपुर के भरत कुमार सोनी और सिहोरा के शशांक दुबे शामिल हैं। साथ ही मझौली के वीर बहादुर सिंह, शहपुरा के रविन्द्र कुमार पटेल, पाटन के दिलीप हनवत, पनागर के विकास चंद्र जैन और कुंडम के दीपक हनवत को भी नोटिस दिया गया है। कलेक्टर ने सख्त हिदायत दी है कि समय सीमा में जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। इसमें दो वेतन वृद्धि रोकने का प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा। नोटिस में कहा गया है कि लगातार समीक्षा के बावजूद भी लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली नहीं करना तहसीलदारों के उदासीन रवैये को दर्शाता और ये अधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन भी है। राजस्व वसूली लक्ष्य से काफी पीछे वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए जबलपुर (ग्रामीण) तहसील में 9 करोड़ रुपए की राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक केवल 18.69 प्रतिशत ही वसूला जा सका है। इसी तरह, आधारताल तहसील में 11 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले महज 11.14 प्रतिशत, गोरखपुर तहसील में 10 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 40.09 प्रतिशत, रांझी तहसील में 15 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले केवल 13.98 प्रतिशत ही वसूली हुई है। अन्य तहसीलों की स्थिति भी चिंताजनक है सिहोरा में 4.50 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 12.23 प्रतिशत, मंझौली में 2 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 15.36 प्रतिशत, शहपुरा में 5 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 13.61 प्रतिशत, पाटन में 3.50 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 10.96 प्रतिशत, पनागर में 4 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 34.09 प्रतिशत, और कुंडम तहसील में 1 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 16.75 प्रतिशत ही वसूली हो पाई है। Post navigation बड़ौनी में सर्राफा व्यापारी से लूट का खुलासा:4 आरोपी गिरफ्तार, 18 लाख के जेवरात बरामद; मास्टरमाइंड भोपाल जेल से छूटा कैदी 70 वर्षीय बुजुर्ग ने पत्नी की कुल्हाड़ी से की हत्या:पन्ना में पारिवारिक विवाद के चलते मोहन्द्रा गांव में हत्या; आरोपी गिरफ्तार