खिलचीपुर में अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों पर प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिए कॉलोनाइजर कानूनी रास्ता अपना रहे हैं। नगर परिषद के सीएमओ अशोक पांचाल ने शुक्रवार को 9 अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आवेदन थाना प्रभारी को सौंपा था। कॉलोनाइजर एफआईआर से बचने के लिए इंदौर हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। सूत्रों के अनुसार, शनिवार और रविवार को कई कॉलोनाइजर इंदौर गए। वे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्टे ऑर्डर पाना चाहते हैं। कुछ कॉलोनाइजर स्थानीय स्तर पर भी बचाव के प्रयास कर रहे हैं। यह कार्रवाई दो महीने पहले की गई चेतावनी का परिणाम है। तहसीलदार सोनू गुप्ता ने अवैध कॉलोनी विकास की रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी थी। कलेक्टर ने सभी कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किया था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कलेक्टर गिरीश कुमार मिश्रा ने एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए। कार्रवाई में शामिल 9 कॉलोनाइजरों में असलम मोहम्मद, राजेंद्र, महेंद्र, सुरेंद्र, राम गोपाल मेवाड़े, माखन सिंह, श्याम बाबू, महेश कुमार, अमजद उल्लाह, दिनेश मेवाड़े, महेंद्र और मनोज जुलानिया शामिल हैं। अभी तक किसी भी कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इधर थाना प्रभारी विवेक शर्मा ने बताया कि सीएमओ के द्वारा एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन आया है। प्रशासन की सख्ती जारी वहीं खिलचीपुर के अलावा, राजगढ़ जिले में भी अन्य अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है। प्रशासन की इस सख्ती के बाद अन्य कॉलोनाइजर भी डरे हुए हैं और कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं। Post navigation Violence erupts at Jadavpur University as protesting students attack Bengal education minister Bratya Basu गोंडवाना गणतंत्र पार्टी में बदलाव:मंडला के कमलेश तेकाम बने प्रदेश अध्यक्ष, दो माह में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति होगी