मेरे घर में 12 किराएदार रहते थे। सब फैक्ट्री में काम करने वाले वर्कर थे। जैसे ही रामकी में कचरा जलाने की बात होने लगी, सभी डरकर कमरे छोड़कर चले गए तारपुर गांव की मीरा पटेल इस बात से मायूस है कि अब कौन उनके मकान में रहने आएगा? दरअसल, पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया से सटे हुए तारपुर गांव में बड़ी संख्या में किराएदार रहते थे। ये सब मजदूर हैं जो अब गांव छोड़कर जा रहे हैं। तारपुर गांव रामकी एनवायरो फैक्ट्री से सटा हुआ है। इसी फैक्ट्री में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का ट्रायल किया जा रहा है। भास्कर की टीम गांव पहुंची तो माहौल सामान्य नजर आया, लेकिन जब लोगों से बात की, तो वे डरे हुए दिखाई दिए। उनके डर की वजह पूछी तो बोले- कचरा जलने से हवा और पानी खराब होगा। हालांकि, प्रशासन उन्हें समझा चुका है कि ऐसा नहीं होगा। प्रशासन का दावा है कचरा जलाने की हर घंटे की मॉनिटरिंग हो रही है। अभी तक किसी तरह का कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिला है। अधिकारियों को उम्मीद है कि 3 मार्च की दोपहर तक पूरा 10 टन कचरा जल जाएगा। इसके बाद इसकी रिपोर्ट सब्मिट की जाएगी। पुलिस की तीन कंपनियां, 500 जवान तैनात दो महीने पहले जिस कचरे को लेकर पीथमपुर विरोध की आग में जल उठा था, अब वहां माहौल सामान्य नजर आया। लेकिन विरोध की आशंका के चलते जगह – जगह पुलिस तैनात है। आलीराजपुर, झाबुआ सहित आसपास के अन्य जिलों से पुलिस फोर्स बुलाया गया है। एक कॉन्स्टेबल ने बताया कि 10 मार्च तक पीथमपुर में ही ड्यूटी है। वहीं पीथमपुर के थाना प्रभारी ओम प्रकाश अहीर ने बताया… रामकी इंडस्ट्री में तीन लेयर में सुरक्षा इंतजाम किए हैं। फैक्ट्री के भीतर भी पुलिस जवान तैनात हैं। पुलिस की तीन कंपनियों की पूरे क्षेत्र में तैनाती की गई है। हाईवे और शहर के भीतर भी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, करीब 500 की संख्या में पुलिस जवान तैनात हैं। ये व्यवस्था कब तक रहेगी कुछ कह नहीं सकते जैसा निर्देश हमारे वरिष्ठ अधिकारी करेंगे वैसे ही काम होगा। लोग बोले- ये शांति भरोसे वाली नहीं बस स्टैंड के पास ही रामनाथ दूध डेयरी चलाते हैं। उनसे पूछा तो बोले- माहौल जितना सामान्य दिख रहा है उतना है नहीं, दुकानों में भीड़ कम हो गई है। बाहरी लोग डर के मारे पीथमपुर छोड़कर जा रहे हैं। मेरी दुकान में भी इसका फर्क पड़ा है। रामनाथ कहते हैं कि प्रशासन कह जरूर रहा है कि कुछ नहीं होगा, लेकिन लोगों को भरोसा ही नहीं हो रहा है। ये शांति भरोसे वाली नहीं, डर वाली है। हम इतना चाहते हैं कि कचरे से नुकसान न हो पीथमपुर के रहने वाले जगदीश वर्मा कहते है कि पिछली बार यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का विरोध हुआ था। कायदे से इतने बड़े विरोध के बाद यहां कचरा जलाना नहीं चाहिए। पीथमपुर में हर राज्य से लोग काम करने आते हैं। लोगों के मन में डर है। उन्हीं के पास खड़े राकेश पटले कहते हैं हमें तो बस इस बात का भरोसा चाहिए कि इससे हमारा कोई नुकसान न हो। पटेल बताते हैं कि लोगों को समझाने के लिए कलेक्टर के साथ और भी अधिकारी आए थे। हम उन पर भरोसा कैसे करें? किसी को स्वास्थ्य समस्या होगी तो यहां न तो ढंग का अस्पताल है और न ही कोई सुविधा। तारपुर गांव में सडकें सूनी, घरों में दुबके लोग रामकी एनवायरो इंडस्ट्री से सटा तारपुर गांव है। भास्कर की टीम जब गांव पहुंची तो सड़कें सूनी नजर आईं। इक्का दुक्का लोग चौराहे पर मौजूद थे। यहां सबसे ज्यादा पुलिस बल तैनात है। गांव से 500 मीटर दूरी पर रामकी एनवायरो का कैंपस नजर आता है। उसी के पास खाली मैदान में पुलिस वालों के लिए तंबू में रहने की व्यवस्था की है। टीम की मुलाकात इसी गांव में रहने वाली पूजा परमार हुई। पूजा अपनी बच्ची की सेहत को लेकर डरी है। वह कहती है- मेरे बेटे की एग्जाम है, इसलिए मैं अभी तक यहां हूं। यहां से चली जाऊंगी तो उसका साल बर्बाद होगा। जैसे ही एग्जाम खत्म होगी मैं अपने बच्चों को लेकर 250 किमी दूर मायके चली जाऊंगी। गांव वाले बोले- आधे से ज्यादा घर खाली गांव की रहने वाली मीरा पटेल कहती है कि तारपुर गांव में रहने वाले लोगों ने अपने मकानों में किराए से देने के लिए कमरे बनाए हुए हैं। यहां पीथमपुर की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर रहते हैं। जब से गांव से सटी फैक्ट्री में कचरा जलाने की बात शुरू हुई है, हमारा आधा गांव खाली हो गया है। किराएदार कमरे खाली कर जा रहे हैं। वो बताती है कि मेरे घर में 12 किराएदार रहते थे, अब एक भी नहीं है। वहीं गांव के गोकुल परमार कहते हैं कि आधे से ज्यादा गांव खाली हो गया है। हम लोग तो मजबूर हैं। सब कमाने खाने आए हैं। यदि ये कचरा जहरीला नहीं होता तो भोपाल में ही जला देते यहां क्यों लेकर आए? हम लोग तो चुपचाप बैठे हैं। तारपुर में ही रहने वाले गोवर्धन मौर्य कहते हैं कि मैं पिछले 14 साल से गांव में रह रहा हूं। गांव के लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन बोला- लोग बेवजह डर रहे भास्कर ने जब लोगों के डर को लेकर पीथमपुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी निशिकांत शुक्ला से पूछा तो वे बोले- कचरे के निपटान का सुरक्षित तरीके से चल रहा है। पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। शुरुआत में जब कचरा यहां लाया गया था, तो लोगों में इसे लेकर डर था। हमने लगातार अलग-अलग माध्यमों से लोगों की शंका को दूर करने का काम किया है। शुक्ला कहते हैं कि हमने एक वीडियो बनाया था जिसमें बताया गया कि किस तरह से और कितनी सतर्कता से कचरा जलेगा। इसे सोशल मीडिया के अलग-अलग ग्रुप्स में जारी किया था। साथ ही 6 एलईडी स्क्रीन वाली गाड़ियों पर भी इस वीडियो को प्रसारित किया गया था। कचरा जलाने को लेकर लोगों के मन में जो भ्रांतियां थीं, उन्हें दूर करने के लिए लोगों के बीच पेंफ्लेट भी बांटे। सभी फैक्ट्रियों में जाकर वर्कर्स को इसकी जानकारी दी थी। उनसे पूछा कि इतना सब करने के बाद भी तारपुर में लोग घर छोड़ रहे हैं तो उन्होंने कहा कि तारपुर में एक कैंप लगाया था। उसमें कलेक्टर और एसपी दोनों मौजूद थे। गांव के लोगों की जो समस्याएं थीं, वो हमने सुनीं और उनका निराकरण किया था। पीथमपुर बचाओ समिति कोर्ट जाएगी समिति के अध्यक्ष हेमंत हिरोले का कहना है कि लोग डरे हुए हैं। पुलिस ने धारा 144 लगाई है। तारपुर को तो छावनी में तब्दील कर दिया है। लोग घर से बाहर निकलने में ही दस बार सोच रहे हैं। हिरोले कहते हैं कि हमारा विरोध संवैधानिक तरीके से जारी रहेगा। हम लोग एक बार फिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। प्रशासन ने जिन 11 लोगों का हलफनामा कोर्ट में पेश किया था। हम उसे चैलेंज करेंगे। उनके खिलाफ हम लोग एफआईआर दर्ज कराएंगे। ये खबर भी पढ़ें… पीथमपुर में भोपाल का जहरीला कचरा जलाने की प्रक्रिया जारी:हर घंटे नष्ट किया जा रहा 135Kg वेस्ट; भोपाल-दिल्ली तक की जा रही मॉनिटरिंग पीथमपुर में भोपाल की यूनियन कार्बाइड का रासायनिक कचरा नष्ट की प्रक्रिया दूसरे दिन भी जारी है। शनिवार रात 9 बजे तक करीब 4050 किलो कचरा जलाया जा चुका है। हर घंटे 135 किलो कचरा नष्ट किया जा रहा है। मध्य प्रदेश प्रदूषण विभाग के रीजनल अधिकारी श्रीनिवास द्विवेदी के अनुसार 10 टन कचरा जलाने में सोमवार 3 मार्च दोपहर तक का समय लग सकता है। पूरी खबर पढ़ें… Post navigation रतलाम के बाजना पटवारी सुनील भगोरा संस्पेंड:कार्य में बरती लापरवाही, नोटिस का भी जवाब नहीं दिया; एसडीएम ने की कार्रवाई प्रमुख अभियंता जांचेंगे किसान को डिग्गी में डालने का मामला:15 दिन में देना होगा जबाव; कलेक्टर रिपोर्ट में दोषी मिला एसडीओ पहले ही हो चुका निलंबित