बड़वानी नगरपालिका ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 की तैयारियां दो महीने पहले ही पूरी कर ली हैं। नगरपालिका ने 3 स्टार रेटिंग और ओडीएफ प्लस-प्लस के लिए स्वच्छता पोर्टल पर आवेदन किया है। दस्तावेजों के आधार पर नगरपालिका को मंजूरी मिल गई है। अब दिल्ली से टीम कभी भी शहर का निरीक्षण करने आ सकती है। 15 फरवरी से सर्वेक्षण शुरू हो गया है। तीन टीमें एक साथ निरीक्षण के लिए आएंगी। नगरपालिका के सीएमओ और कर्मचारी तैयारियों में जुटे हैं। डिवाइन स्वच्छता संस्था सर्वेक्षण के लिए फीडबैक ले रही है। शहर की मुख्य सड़कों पर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखा गया है। बेहतर रैंकिंग मिले, इसके प्रयास जारी पिछले दो सालों में शहर की रैंकिंग में उतार-चढ़ाव देखा गया। 2023 में बड़वानी 50 हजार से 1 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 108वें स्थान पर रहा। 2022 में इसी श्रेणी में शहर को 11वां स्थान मिला था। रात में भी हो रही सफाई नगरपालिका दरोगा विनोद चौहान के अनुसार, बेहतर रैंकिंग के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। व्यवसायिक क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई बढ़ाई गई है। सड़कों की नियमित सफाई, कीटनाशक छिड़काव और नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रह के लिए हाथ ठेलों में बैग सिस्टम लागू किया गया है। सार्वजनिक प्रसाधनों की निगरानी की जा रही है। शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए वॉल पेंटिंग भी कराई जा रही है। फ्लैक्स, बैनर, पोस्टर, हार्डिंग भी लगा रहे है। स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम कभी भी शहर में दस्तक दे सकती है। इसके पहले नगरपालिका को पोर्टल में सिटीजन का फीडबैक दर्ज कराना है। इसको लेकर नगरपालिका और डिवाइन कंपनी फीडबैक ले रही है। योजना सड़क पर कचरा फेंकने और थूकने पर जुर्माना तय किए गए लक्ष्य को पाने के लिए सख्ती से कार्रवाई की भी योजना बनाई गई है, इससे सड़क पर कचरा फेंकने वाले लोगों पर जुर्माना किया जाएगा, ताकि लोग सड़कों पर कचरा फेंकना बंद करें, क्योंकि कई बार लोगों को इस बारे में समझाइश भी दी जा चुकी है, इसके बाद भी सुधार नजर नहीं आ रहा है,तो वहीं सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर थूकते पाए जाने वाले लोगों पर भी जुर्माना किया जाएगा। हालांकि अभी ये तय नहीं किया गया है कि कितना जुर्माना वसूला जाएगा। नपा अध्यक्ष बोलीं- निरीक्षण के लिए हम तैयार नपा अध्यक्ष अश्विनी चौहान ने बताया कि विशेष अभियान के तहत शहर में नियमित बेहतर सफाई व्यवस्था कराई जा रही है। स्कूल सहित विभिन्न विभागों में अभियान के तहत गतिविधियां की जा रही है। सर्वेक्षण को लेकर भी तैयारी जारी है। नागरिकों का फीडबैक भी दर्ज हो रहा है। सर्वेक्षण टीम कभी भी आकर सर्वे कर सकती है, इसके लिए हम तैयार हैं। अभी शहर में है ये हालात – सीवेज लाइन का काम चल रहा है। ऐसे में सड़कों की खुदाई कर दी गई है। इस पर धूल के गुबार उठते रहते हैं, जिससे वाहन चालकों को मुख्य सड़कों पर धूल की समस्या से परेशान होना पड़ता है। – शहर में कई कॉलोनी, मोहल्लों और खाली प्लॉटों में कचरे के ढेर लगे हैं, इससे ये कचरे के ढ़ेर भी हटाए जाए। – मोहल्लों और सड़क किनारे ही कचरे का डंप पॉइंट बनाकर ढेर लगा दिए जाते हैं, इससे लोगों को परेशान होना पड़ता है। इसमें भी सुधार की मांग है। Post navigation Cars, corruption and a different kind of dhamaka at a litfest स्वास्तिक हॉस्पिटल स्टाफ-डायरेक्टर विवाद में तीसरी FIR:मैनेजर, एचआर और महिला डॉक्टर पर छेड़छाड़ का आरोप, एट्रोसिटी का केस