बैतूल के सदर इलाके में प्रताप वार्ड स्थित पेट्रोल पंप के पास रहने वाली 56 वर्षीय नर्स वंदना छत्रपाल का शव उनके घर में बिस्तर पर मिला। वंदना पिछले 7 दिनों से अस्पताल में ड्यूटी पर नहीं आई थीं। उनके शव की जानकारी तब मिली जब घर से बदबू आने लगी। वंदना सिविल अस्पताल में पदस्थ थीं और अकेली रहती थीं। कुछ साल पहले उनकी बेटी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। उनके भाई नीलेश छत्रपाल पीएचई विभाग में कार्यरत हैं और अलग रहते हैं। भोपाल से आमला ट्रांसफर किया गया था बीएमओ नरवरे के अनुसार, वंदना को प्रशासनिक कारणों से भोपाल से आमला ट्रांसफर किया गया था। वह अक्सर मनमर्जी से ड्यूटी पर आती-जाती थीं स्टाफ के अनुसार वह मानसिक रूप से परेशान थीं और ड्यूटी के दौरान मरीजों को भी परेशान करती थीं। कार्डियक अरेस्ट से मौत की आशंका वंदना को लो बीपी की शिकायत थी। भाई ने बताया कि उनकी मृत्यु को लेकर उन्हें कोई संदेह नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आशंका है कि कार्डियक अरेस्ट के कारण उनकी मौत हो सकती है। हालाकि पीएम के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी। Post navigation सागर में युवक ने बाथरूम में लगाई फांसी:पत्नी से चल रहा था विवाद, चार महीने से मायके में; परिजनों ने ससुरालियों पर लगाया आरोप राज्य स्तरीय एनएसएस नेतृत्व प्रशिक्षण शिविर में चयन:ओरिएंटल कॉलेज के दो छात्र और कार्यक्रम अधिकारी अमरकंटक रवाना