तस्करी में युवाओं का इस्तेमाल, दो रिपोर्टर ने 20 दिनों तक की पड़ताल मध्य प्रदेश- राजस्थान बॉर्डर से अब्बास अहमद और मनीष व्यास मध्य प्रदेश के जंगलों से सागौन की अवैध कटाई के बाद राजस्थान तक तस्करी हो रही है। इस तस्करी में नया ट्रेंड आया है। सागौन तस्करी का सच जानने भास्कर इन्वेस्टिगेशन टीम के दो रिपोर्टर ने सुठालिया (मध्य प्रदेश) से मनोहर थाना (राजस्थान) क्षेत्र में एंट्री करने वाले रूट की 20 दिन पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। लगातार रूट की रैकी में जंगल से सागौन ले जाते तस्कर कैमरे में कैद हो गए। 20-25 साल के युवाओं को देते हैं लालच: सागौन तस्करी में 20 से 25 साल के युवाओं को कमाई का लालच ऐसा दिया जा रहा है कि ये मरने-मारने से भी नहीं डर रहे हैं। समूह बनाकर 60 से 70 लोग जंगल में दाखिल होते हैं और सागौन की सिल्ली बनाते हैं। एक-एक बाइक पर चार-चार, दो-दो सिल्ली रखकर जंगल की पगडंडियों से राजस्थान तक पहुंचते हैं। तस्करी में यह चोरी की बाइक उपयोग में लेते हैं, ताकि वन विभाग या पुलिस की रेड पड़े तो छोड़कर भाग सकें। मनोहर थाना पहुंचने के लिए ये लोग शॉर्टकट से जाते हैं। ये लटेरी से सुठालिया, ब्यावरा के पीछे से काली पीठ थाना क्षेत्र से बाबा रामदेव मंदिर होते हुए मनोहर थाना पहुंचते हैं। इनकी दहशत इतनी है कि न तो गांव के लोग न वन विभाग और न ही पुलिस के गश्ती दल के जवान इनको रोकने की हिम्मत जुटा पाते हैं। यदि किसी ने इनको रोकने की कोशिश भी की तो वो उनके ऊपर हमला कर देते हैं। पहले दिन में निकलते थे, अब शाम तक कटाई, रात में निकलते हैं तस्करों को कैमरे में कैद करने भास्कर की टीम सुठालिया पहुंची तो पता चला अब इन लोगों ने ट्रेंड बदला है। पहले ये दिन दहाड़े जंगलों से कटाई कर निकलते थे। लटेरी में वन विभाग के साथ मुठभेड़ में गोलीकांड के बाद तस्करी के तरीके में बदलाव किया है। अब ये दिनभर जंगल में कटाई करते हैं। सूरज ढलते ही एक साथ बाइक से सागौन की सिल्लियां लेकर निकलते हैं। 4 सिल्ली के राजस्थान में 8 से 10 हजार मिलते हैं, जो मप्र से दोगुने हैं, इसलिए वे यहां आते हैं। लोग बोले- शक हुआ तो बचना मुश्किल रिपोर्टर की टीम 23 फरवरी को सुठालिया के पास नसीरपुर गई, लेकिन स्थानीय लोगों ने खतरा बताते हुए माफिया के रूट पर जाने से रोक दिया। पार्वती नदी के आगे टीम 6:45 बजे से 7:15 बजे तक रुकी तो लोगों ने हटा दिया। बोले- उन्हें (तस्करों को) शक हुआ तो बचोगे नहीं। तब रिपोर्टर टीम बाइक से रैकी करती रही। खौफ ऐसा कि एक दुकान पर तस्करों के बारे में थोड़ी सी बात की तो दुकानदार शटर नीचे कर चला गया। रात 7:32 बजे नसीरपुर-सुठालिया के बीच 25 से 30 बाइकों पर सागौन लिए तस्करों की गैंग निकली। टीम ने वीडियो बनाया व 4 किमी तक पीछा किया पर ये एक पगडंडी से होते हुए सुठालिया के पास गायब हो गए। पड़ताल में पता चला कि सागौन माफिया मप्र के लटेरी के जंगलों में सक्रिय है। वहां से सुठालिया होते हुए राजस्थान तक सागौन की अवैध खेप पहुंचती है। दोनों राज्यों के मंत्री बोले- कार्रवाई करेंगे मप्र के वन मंत्री दिलीप अहिरवार सागौन तस्करी को लेकर चौंक गए। बोले- वन विभाग पर हमले और गोलीकांड भी हो चुका, बताया तो बोले मैं दिखाता हूं, कार्रवाई करेंगे। वहीं, राजस्थान के वन राज्यमंत्री, संजय शर्मा ने कहा कि सागौन तस्करी रोकने के लिए जो भी नियम है, उसके अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मप्र के राजगढ़-ब्यावरा से ही अवैध सागौन यहां आती है। हमारे पास तीन लोगों का स्टाफ है वहां तो बड़ा स्टाफ है फिर भी सख्ती नहीं है। -दीपक मालव, रेंजर, मनोहर थाना (राज.) सुठालिया वन चौकी क्षेत्र में पिछले वर्ष सागौन तस्करों पर 6 केस दर्ज किए। मैं 2 महीने पहले ही आया हूं। जनवरी और फरवरी में 2 प्रकरण दर्ज किए हैं। -डीके भिलाला, रेंजर, ब्यावरा (मप्र) Post navigation हाईस्कूल परीक्षा में देरी से पहुंचने पर विवाद:गेट तोड़ अंदर घुसे बच्चे, परिजन के साथ किया चक्काजाम ‘Left-wing stenographers’: White House press secretary slams journalist over ‘hysterical’ Donald Trump-Vladimir Putin comparison