नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) के चरणबद्ध आंदोलन के तहत गुरुवार को संगठन की भोपाल इकाई ने भोपाल सांसद आलोक शर्मा को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाल कराने के लिए सरकार स्तर पर समर्थन की मांग की। शर्मा ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि वे उनके साथ हैं। साथ ही अपने स्टाफ को मांग पत्र शासन को भेजने के निर्देश दिए। संगठन के भोपाल जिला अध्यक्ष सुरसरि पटेल के नेतृत्व में कर्मचारी सांसद के बंगले पर पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने कहा कि हमारे जीवन और परिवार को सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन बहाल कराएं। उन्होंने सांसद को बताया कि अभी नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) का लाभ दिया जा रहा है। इसमें इतनी भी पेंशन नहीं मिलेगी, जितनी राशि से महीनेभर का दूध खरीदा जा सके। ऐसे में कर्मचारी के रिटायर होने या मृत्यु के बाद उसके बच्चों का भरण-पोषण कैसे होगा। उन्होंने कहा कि 2005 से लागू एनपीएस व्यवस्था में कर्मचारी के वेतन से 10% और सरकार की ओर से 14% राशि जमा की जाती है। यह राशि बाजार में निवेश की जाती है। रिटायरमेंट पर कर्मचारी को 50% राशि एकमुश्त मिलती है और बाकी राशि से पेंशन बनती है, जो 1000 से 3000 रुपए तक होती है। उन्होंने बताया कि एनपीएस का रिटर्न पिछले 4 महीने में तेजी से गिरा है। सितंबर 2024 में जहां रिटर्न 40% था, वह फरवरी 2025 में 11% तक पहुंच गया। कर्मचारियों का मानना है कि सेंसेक्स में गिरावट का असर हमेशा एनपीएस के रिटर्न पर पड़ेगा। इससे कर्मचारियों की रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली मासिक पेंशन प्रभावित होगी, जो उनके और परिवार के जीवन को मुश्किलों में डालेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष सुरसरि प्रसाद पटेल, विभागीय अध्यक्ष भारत मिश्रा, आरके शर्मा, महासचिव जयसिंह पटेल, गोपाल बंजारी और हीरालाल सैनी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।