दिव्यांगजनों के लिए सार्वजनिक स्थानों, शासकीय कार्यालयों, मॉल और सिनेमाघरों में उनकी सुविधानुसार सुगम्य वातावरण कैसा होना चाहिए, इसे समझने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक जिले में 7 और 8 मार्च 2025 को जिला कलेक्टर्स के सहयोग से दिव्यांगजनों की ‘सुगम्य यात्रा’ आयोजित की जाएगी। इस यात्रा के तहत चयनित दिव्यांगजनों को शासन व्यवस्था के अनुसार वाहन उपलब्ध कराकर विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इंदौर में भी इसकी तैयारियां शुरू की जा रही हैं। मध्यप्रदेश के हर जिले में “सुगम्य यात्रा” निकाली जाएगी। इसमें दिव्यांग जन को सरकारी भवनों, कलेक्ट्रेट, तहसील, नगर पालिका, नगर निगम सहित अन्य शासकीय कार्यालयों, सिनेमाघरों, आम पर्यटन स्थलों, पुस्तकालयों, बाजारों सहित अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर दिव्यांगजन उपलब्ध साधन सुविधाओं की जमीन हकीकत देखी जाएगी। इस संबंध में प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय एवं आयुक्त नि:शक्तजन, सोनाली वायंगणकर ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इंदौर में भी विभिन्न स्थानों के भ्रमण के बाद दिव्यांगजनों द्वारा दी गई सलाह और सूचनाओं का संकलन किया जाएगा। इनका उपयोग भारत सरकार द्वारा भविष्य में बनाई जाने वाली शहरी विकास नीतियों, डिजाइनिंग एवं विकासात्मक रणनीतियों में किया जाएगा, जिससे इस वर्ग के लिए अनुकूल वातावरण के निर्माण में सहायता मिलेगी। यात्रा के फोटो “यस टू एक्सेस” एप पर अपलोड किए जा सकेंगे। यात्राओं पर होने वाले व्यय को सीआरएस फंड या एजीपी सब-स्कीम से वहन करने के अधिकार कलेक्टर्स को दिए गए हैं।