महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि पर इस बार श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा 4.52 लाख ही रहा, जो कि पिछले साल की तुलना में 2.83 लाख कम है। दो सालों की बात करें तो हर बार महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर श्रद्धालुओं की संख्या घटती जा रही है। इस बार श्रद्धालु कम आने पर मंदिर प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने प्रयागराज और कुबेरेश्वर धाम भीड़ डायवर्ट होने का तर्क दिया है। महाशिवरात्रि पर्व के चलते भगवान महाकालेश्वर मंदिर के पट मंगलवार-बुधवार रात 2 बजे से ही खुल गए थे लेकिन जैसा दर्शन के लिए भीड़ का अनुमान था, उतनी संख्या इस बार नहीं दिखी। महाकाल मंदिर प्रशासन द्वारा महाशिवरात्रि मंगलवार-बुधवार की रात 2.30 बजे से बुधवार रात 11 बजे तक दर्शन की काउंटिंग 4 लाख 52 हजार 408 बताई। कुल मिलाकर रात 11 बजे तक की बात करें तो आंकड़ा चार लाख के आसपास रहा है। सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने चार लाख से ज्यादा श्रद्धालु बताए। भीड़ की कमी के लिए ये दो बड़े तर्क माने जा रहे 1. उत्तरप्रदेश में आयोजित कुंभ में महाशिवरात्रि पर्व पर अंतिम स्नान पर्व के चलते भीड़ वहां के लिए भी डायवर्ट हुई, जिसका असर यहां रहा। 2. सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में महाशिवरात्रि पर ही रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन रखा, यहां भी लाखों की तादाद में श्रद्धालु जाना बताए, इसके चलते भी उज्जैन कम श्रद्धालु पहुंचे। (जैसा कि मंदिर के आईटी सेल प्रभारी गिरीश तिवारी ने तर्क दिया।) वाहन पार्किंग भी कई जगह खाली ट्रैफिक पुलिस को हर बार 10 से ज्यादा पार्किंग स्थान पर इंतजाम करना होते हैं और वह भी कम पड़ जाते हैं। इस बार अधिकांश पार्किंग खाली रही। सिर्फ हरिफाटक व कर्कराज पार्किंग भरी लेकिन वे भी पूरी तरह से फुल नहीं हो पा रही थी। कर्कराज पार्किंग की क्षमता 800 से 900 वाहनों की है लेकिन यहां 500 से 600 वाहन के लगभग ही भरते रहे। ट्रैफिक डीएसपी दिलीपसिंह परिहार ने बताया कि ये सही है कि कई पार्किंग खाली रही। ये दो कारण भी कम श्रद्धालु आने के 1. दर्शन के लिए नृसिंह घाट मार्ग से लंबे जिगजैग का सफर तय करना पड़ा है। करीब दो से ढाई किलोमीटर श्रद्धालु भीड़ में चलने से परेशान हो जाते हैं, खासकर महिलाएं व बच्चे। भीड़ कम हाेने के बावजूद भी बेवजह होल्डअप में लाेगाें काे लंबा चक्कर लगवाया। 2. वीआईपी से कई बार आपाधापी मची। आम लोगों को ज्यादा दिक्कत हुई। वे जद्दोजहद के बाद भगवान की झलक पाने पहुंचते हैं तो कर्मचारी धकेल देते हैं। वीआईपी के लिए गर्भगृह की देहरी से दर्शन महाशिवरात्रि पर गर्भगृह की देहरी से वीआईपी के दर्शन कराए जा रहे थे। आम जनता धक्के खा रही थी। वीआईपी के साथ 10-12 लोग गर्भगृह की देहरी के सामने खड़े हो रहे थे। इससे बैरिकेड्स से दर्शन करने वालों को दर्शन में परेशानी आ रही थी। इससे श्रद्धालुओं ने गुस्सा जाहिर किया। वीआईपी के अलावा पंडे-पुजारी भी खड़े हो रहे, इससे श्रद्धालुओं को महाकाल की एक झलक पाना मुश्किल रहा । शाम को एक वीआईपी करीब पांच मिनट तक गर्भगृह की देहरी पर भीड़ के साथ खड़े रहे। नंदी हॉल प्रभारी ने उन्हें हटाया। Post navigation वाट्सएप ग्रुप में पेपर डालने वाले शिक्षक पर एफआईआर, जांच समिति भी बनी जॉब एजुकेशन बुलेटिन:ग्रेजुएट्स के लिए 6691 पदों पर भर्ती निकली; यूपी में मेधावी छात्राओं के लिए फ्री स्कूटी का ऐलान