मध्य प्रदेश में आउटसोर्स और अस्थाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 9-10 मार्च को होने वाले दो दिवसीय आंदोलन की तैयारियों के लिए गुरुवार को जेपी अस्पताल, नूतन कालेज और लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) में नुक्कड़ मीटिंग का आयोजन किया गया। संगठन के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मंत्रियों का रवैया कर्मचारियों के प्रति अपमानजनक है। उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री ने अतिथि शिक्षकों को घर में कब्जा करने वाला कहा। स्वास्थ्य मंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों को गिड़गिड़ाने वाला बताया। श्रम मंत्री ने तो कामगार वर्ग को भिखारी तक कह दिया। शर्मा ने बताया कि 9 मार्च को हजारों आउटसोर्स कर्मचारी पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा के समक्ष इकट्‌ठा होंगे। वहां से भाजपा मुख्यालय जाकर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा को ज्ञापन सौंपेंगे और उन्हें विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान जारी संकल्प पत्र में दी गई गारंटी की याद दिलाएंगे। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान होने वाले इस आंदोलन में ग्राम पंचायतों के चौकीदार, पंप ऑपरेटर, स्कूलों और छात्रावासों के अंशकालीन अस्थाई कर्मचारी भी शामिल होंगे। इन कर्मचारियों को दशकों से मात्र 3 से 5 हजार रुपए में काम कराया जा रहा है। अभी तक इन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं दिया गया है। जबकि न्यायालय तक का आदेश है कि न्यूनतम से कम पर काम कराना अपराध है। शर्मा ने कहा कि सरकार खुद यह अपराध कर रही है और मांगने पर भिखारी कह दिया जाता है। 9 मार्च को इस अपमान का बदला लेने का दिन है इसलिए सभी को पूरी एकजुटता के साथ भोपाल पहुंचने को कहा गया है।