राजगढ़ में पशुओं की आपातकालीन चिकित्सा सेवा को लेकर गंभीर स्थिति बन गई है। जिले में पिछले साल शुरू की गई संजीवनी एंबुलेंस सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है। कुल 9 एंबुलेंस में से 3 वाहन पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। दो एंबुलेंस के सभी टायर खराब होने के कारण जिला उपसंचालक पशु चिकित्सालय में खड़ी हैं। एक अन्य एंबुलेंस का चेसिस क्रैक होने के कारण उज्जैन के वर्कशॉप में भेजी गई है। दुर्घटनाओं के कारण हटाना पड़ा सामान मई 2023 में सरकार ने 65 करोड़ रुपए की लागत से 406 पशु एंबुलेंस खरीदी थीं। इन एंबुलेंस में फ्रिज, दवा कैबिनेट, वॉशबेसिन और पैथोलॉजी लैब जैसी सुविधाएं दी गई थीं। लेकिन ज्यादा वजन के कारण वाहन असंतुलित हो गए। कई दुर्घटनाएं होने के बाद सरकार को सारा सामान हटाना पड़ा। संजीवनी वाहन अब साधारण गाड़ियों में तब्दील विभागीय सूत्रों के मुताबिक, वाहनों में पीछे रखा भारी सामान दुर्घटनाओं का कारण बन रहा था। कई जगह गाड़ियां पलट गईं। इससे बचने के लिए एंबुलेंस से सारे उपकरण निकाल दिए गए। अब ये महंगा सामान राजगढ़ के पशु चिकित्सा विभाग के कार्यालय में पड़ा है। सभी संजीवनी वाहन अब साधारण गाड़ियों में तब्दील हो गए हैं। उपसंचालक बोले- मरम्मत के लिए भेजी गईं हैं एंबुलेंस राजगढ़ पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डॉ. महिपाल सिंह कुशवाह के अनुसार, जिले में 9 में से 6 पशु चिकित्सा इकाइयां ही काम कर रही हैं। दो वाहनों के टायर बदले जा रहें हैं। एक एंबुलेंस मरम्मत के लिए उज्जैन भेजी गई है। Post navigation British court finds PhD student guilty of raping 10 women मंत्री प्रहलाद पटेल के बयान के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन:बुरहानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका, पुलिस ने पानी डालकर रोका