रीवा में बुधवार से एक बार फिर सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। प्रतिबंध के बावजूद भी लगातार शहर में जगह-जगह सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग हो रहा है। डिप्टी सीएम और नगर निगम इंदौर की तरह रीवा को स्वच्छता में नंबर 1 बनाना चाहते हैं। लेकिन, सिंगल यूज प्लास्टिक इस काम में बाधा बना हुआ है। यही वजह है कि नगर निगम अब इसे लेकर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है। नहीं दिख रहा प्रतिबंध का असर अधिवक्ता बीके माला ने कहा कि रीवा में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक को दो साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन इसका असर नजर नहीं आ रहा है। प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में धड़ल्ले से पॉलीथीन का उपयोग हो रहा है। सब्जी बाजार, दूध, नाश्ते और किराना स्टोर्स पर पॉलिथीन का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार शहर में प्रतिदिन 500 किलो से ज्यादा पॉलिथीन कचरे के रूप में निकलता है। अधिवक्ता बीके ने आगे कहा कि नगर निगम प्रशासन ने स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए हैं। लेकिन इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए। पहले 1 किलो पॉलिथीन 175 रुपए में बिकती थी, जबकि अब इसकी कीमत 200 से 225 रुपए हो गई है। पॉलिथीन विक्रेताओं की कमाई बढ़ रही है और सब्जी-फल वालों के पास हमेशा पॉलिथीन होती है। भारत सरकार ने 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा रखा है। दुकानदारों पर लगाया जुर्माना नगर निगम आयुक्त सौरभ सोनवणे ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई जारी है। शराब दुकानों सहित कई दुकानदारों पर जुर्माना भी लगाया गया है। उन्होंने कहा कि रीवा को स्वच्छता में नंबर 1 बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे और शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का अभियान चलाया जाएगा। बुधवार को नगर पालिक निगम रीवा जोन 1 और 2 में सिंगल यूज प्लास्टिक के तहत प्लास्टिक रिटेल एवं थोक विक्रेताओं पर 6500 की चालानी कार्यवाही की है। जिनके कब्जे से 25 kg के लगभग प्लास्टिक जब्त किया गया है। Post navigation Stranded NASA astronaut Sunita Williams reveal what they’ll long for after leaving space शाजापुर में दो समुदायों के बीच झड़प:दो युवक अस्पताल में भर्ती, मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात