दतिया के कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के कानपुर में दिए गए बयान पर बवाल मच गया। चौरसिया समाज के कार्यक्रम में भारती ने कहा था कि दतिया में उनकी लड़ाई सामंतवाद से रही और ठाकुरों से सबसे पहले सत्ता उनके पिता ने छीनी थी। इस बयान के बाद दतिया में क्षत्रिय समाज ने कड़ा विरोध जताया। समाज ने विधायक से माफी की मांग की। माफी नहीं मांगने पर पुतला दहन की चेतावनी भी दी गई थी। विधायक ने वीडियो जारी कर माफी मांगी विरोध के बाद बुधवार को विधायक भारती ने अपने निवास से वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि वे कानपुर में अपने पिता स्व. श्याम सुंदर श्याम की जीवनी पर प्रकाश डाल रहे थे। उनके पिता ने लक्ष्मण सिंह बुंदेला, मेहरबान सिंह बुंदेला और नारायण सिंह दाऊ के साथ स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लिया था। भारती ने कहा कि भूलवश उनके मुंह से कुछ ऐसा निकल गया, जिससे क्षत्रिय समाज की भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने क्षत्रिय समाज से माफी मांगी। साथ ही 2023 के चुनाव में समर्थन देने वाले क्षत्रिय समाज के लोगों से भी क्षमा याचना की। समाजजन बोले- माफ करना समाज की परंपरा क्षत्रिय समाज ने बैठक कर विधायक की माफी स्वीकार कर ली। समाज के रिंकू बुंदेला ने कहा कि माफ करना समाज की परंपरा है। हालांकि, बैठक में यह भी तय किया गया कि भविष्य में ऐसी घटना दोहराई गई तो समाज आंदोलन करेगा। साथ ही संबंधित व्यक्ति का पुतला दहन करेगा। Post navigation रीवा में तिलकोत्सव कार्यक्रम में दो पक्षों के बीच विवाद:दो युवकों ने गोली चलाई, हत्या के प्रयास मामले में पुलिस ने किया गिरफ्तार संत नामदेव की विट्ठल भक्ति और मानव कल्याण की विरासत:मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति इंदौर ने कालजयी कवि श्रृंखला में किया याद