मराठी भाषा के गौरवशाली इतिहास और समृद्धि को दर्शाते कार्यक्रम ‘मधुरव-बोरू ते ब्लॉग’ की प्रस्तुति रविवार को दी गई। सानंद न्यास के फुलोरा उपक्रम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मराठी भाषा की उत्पत्ति से लेकर वर्तमान तक की यात्रा को संगीत नाट्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में आशिष गाडे और आकांक्षा गाडे ने भी अपनी प्रस्तुति दी। वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. वैशाली वाईकर और मराठी साहित्य अकादमी के निदेशक संतोष गोडबोले ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम सानंद न्यास और मराठी साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद भोपाल का संयुक्त आयोजन था। प्रसिद्ध अभिनेत्री मधुरा वेलणकर साटम ने कार्यक्रम का निर्देशन और अभिनय किया। उन्होंने मराठी भाषा की विविधता को साहित्य, कीर्तन, कथा, कविता, संतों के वचन, भावगीत और भजनों के जरिए प्रस्तुत किया। मधुरा को चार राज्य पुरस्कार, जी अवार्ड्स और वी. शांताराम अवार्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है। विश्व की 15 हजार से अधिक भाषाओं में मराठी का स्थान 10वां है। भारत में यह तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। पिछले अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मराठी को अभिजात भाषा का दर्जा दिया है। अतिथियों एवं कलाकारों का स्वागत किया सानंद न्यास के अध्यक्ष जयंत भिसे और मानद सचिव श्री संजीव वावीकर ने। आभार प्रदर्शन किया जयंत भिसे ने। सूत्र संचालन ने सानंद मित्र कु. वृष्टि संत एवं कु. पूर्वी केळकर किया। बैकस्टेज आर्टिस्ट्स.. लेखन डॉ. समीरा गुजर प्रकाश-शीतल तळपदे नेपथ्य- प्रदीप पाटील संगीत- श्रीनाथ म्हात्रे वेशभूषा-श्वेता बापट, अंकिता जठार व्यवस्थापक- अमित सुर्वे।