शहर से सटे चिखलार क्षेत्र की एक निजी कालोनाइजिंग में खुदाई के दौरान बड़ी मात्रा में ग्रेफाइट निकला है। खनिज विभाग ने आज देर शाम इसका मुआयना करवाया है। जिसका शनिवार दोबारा सर्वे कराया जाएगा। फिलहाल कॉलोनाइजर को खनन न करने की हिदायत दी गई है। यहां बड़ी मात्रा में ग्रेफाइट खोदकर उससे सड़क बना दी गई थी। खनिज डिप्टी डायरेक्टर मनीष पालेवार ने बताया कि शुक्रवार देर शाम चिखलार के पास ग्रेफाइट निकलने की सूचना पर खनिज निरीक्षक को मौके पर जांच के लिए भेजा था। शनिवार रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद क्षेत्र का विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। पहले से ही ग्रेफाइट की मौजूदगी के प्रमाण उन्होंने बताया कि चिखलार, गौठान, सोना घाटी क्षेत्र में पहले से ही ग्रेफाइट की मौजूदगी के प्रमाण हैं। यहां 9.33 और 33 हेक्टेयर में। पहले से ही दो ब्लॉक ग्रेफाइट उत्खनन के लिए चयनित किए जा चुके हैं। जिस पर कार्रवाई भी चल रही है। आज सामने आए प्रकरण का ब्लॉक भी इन्हीं क्षेत्र से लगा हुआ है। मिला खनिज वेदर्ड ग्रेफाइट है मुआयना करने वाले माइनिंग इंस्पेक्टर वीरेंद्र वशिष्ठ के मुताबिक यह 33 हेक्टेयर वाले ब्लॉक से जुड़े निजी क्षेत्र में है। इसी में ग्रेफाइट नजर आया है। यह वेदर्ड ग्रेफाइट यानि जिस पर हवा पानी लग गया हो वैसी प्रकृति का है। कॉलोनाइजर यहां समतलीकरण और सड़क बना रहे थे। उन्हें शनिवार दोपहर तक दस्तावेज लेकर कार्यालय बुलाया गया है। खनन बंद किया, ग्रेफाइट को भी एकत्रित किया जा रहा कॉलोनाइजर ने बताया कि उनके संज्ञान में आने पर उन्होंने खनन बंद कर दिया है। सड़क पर डाले गए ग्रेफाइट को भी एकत्रित करवाया जा रहा है। उन्होंने खनिज विभाग में समतलीकरण के लिए साल 2016 और 24 मे भी अनुमति के लिए पत्र भेजा था। Post navigation विदेशों में भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार:जापान और मलेशिया की ब्रह्माकुमारी दीदियों ने साझा किए अनूठे अनुभव विदिशा विधायक ने वार्ड नंबर-27 का जायजा लिया:कुओं में कचरा, टूटी पुलिया और जलभराव की समस्याओं पर दिए कार्रवाई के निर्देश