ब्रह्माकुमारीज संस्थान ने एक विशेष प्रश्नोत्तरी सत्र का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में मलेशिया से पधारी राजयोगिनी मीरा दीदी और जापान-फिलिपींस से आई राजयोगिनी रजनी दीदी ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में वरिष्ठ राजयोग शिक्षक भ्राता रामकुमार ने विशेष संवाद किया। उन्होंने विदेशों में भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान के प्रसार पर चर्चा की। दीदियों ने बताया कि कैसे विभिन्न देशों में अलग संस्कृति और भाषा की चुनौतियों के बावजूद लोगों को भारतीय संस्कृति से जोड़ा। कार्यक्रम में 1995 के जापान भूकंप के दौरान आध्यात्मिक शक्ति से मिली सुरक्षा की कहानी भी साझा की गई। यह भी बताया गया कि कैसे कुछ लोगों को 16 वर्षों तक ध्यान सीखने में कठिनाई आई। लेकिन मुश्किल समय में उन्हें ईश्वर की याद आई और आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली। Post navigation Albert Pujols set to return to the WBC as the Dominican Republic’s manager in 2026 बैतूल में निजी जमीन से निकला कीमती खनिज ग्रेफाइट:कॉलोनाइजर ने पत्थर समझकर बना दी सड़क, खनिज विभाग ने काम रुकवाया