दाऊदी बोहरा समाज के रमजान की आज से शुरुआत हो गई। समाज के नागरिकों ने आज से रोजे रखने शुरू कर दिए। हिजरी वर्ष 1446 के सबसे पवित्र माह रमजान की शुरुआत शुक्रवार से हो रही है। रमजान हिजरी कैलेंडर का 9वां महीना है जिसमें मुस्लिम समुदाय संपूर्ण माह भूखे प्यासे रहकर इबादत में गुजारता है। रमजान के लिहाज से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। स्थानीय बोहरा मस्जिद में पूर्ण एहतमाम और एहतराम के साथ आमिल मुल्ला अली असगर शेख मुर्तजा कारी द्वारा इबादत की जाएगी। पूरे 30 दिन तक बोहरा समाज के धर्मगुरू सैयदना मुफद्दल सैफुददीन की ओर से प्रत्येक समाजजन को सेहरी और इफ्तार के भोजन का इंतजाम किया गया है, अर्थात किसी के यहां सुबह, शाम को भोजन नहीं बनेगा। समस्त घरों में तैयार भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। सुबह 5.29 तक सेहरी का समय रहेगा। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि रमजान शब्द रम्ज से लिया गया है जिसका अर्थ होता है छोटे पत्थरों पर पड़ने वाली सूर्य की अत्यधिक गर्मी। माहे रमजान ईश्वरीय नामों में से एक नाम है। इसी महीने में पवित्र कुरआन नाजिल हुआ था। यह ईश्वर का महीना है। रोजे को अरबी में सोम कहते हैं जिसका मतलब है रुकना। रोजा यानी तमाम बुराइयों से रुकना या परहेज करना। जबान से गलत या बुरा नहीं बोलना, आंख से गलत नहीं देखना, कान से गलत नहीं सुनना, हाथ पैर तथा शरीर के अन्य हिस्सों से कोई नाजायज अमल नहीं करना। किसी को भला बुरा नहीं कहना। हर समय खुदा की इबादत करना।