नर्मदापुरम शहर के प्राइवेट स्वास्तिक हॉस्पिटल के प्रबंधन और स्टाफ के कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद गुरुवार को थाने पहुंच गया। रात 8 बजे 4 महिला कर्मचारी सहित एक पुरुष कर्मचारी देहात थाने हॉस्पिटल के डायरेक्टर और एंबुलेंस ड्राइवर के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंचे। जानकारी मिलने के बाद हॉस्पिटल के डायरेक्टर रमीज अली भी अपने पक्ष में करीब 20 कर्मचारियों को लेकर थाने पहुंच गए। अली ने भी अपने स्टाफ की तरफ से शिकायत की। इसी बीच हिंदू संगठन से आलोक शर्मा, भाजपा नेत्री वंदना दुबे समेत अन्य लोग भी थाने पहुंच गए। रात 8 बजे से 10 बजे तक शिकवा शिकायत का दौर चलता रहा। हालांकि, 10 बजे तक किसी भी पक्ष की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। अश्लील बातें, इशारे और धर्म परिवर्तन के दबाव बनाने जैसे आरोप महिला कर्मचारियों ने देहात थाना और कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि हॉस्पिटल के डायरेक्टर रमीज अली, ड्राइवर मुस्ताक अभद्र व्यवहार करते हैं। इसके साथ ही अश्लील बातें, इशारे करने, संबंध बनाने के लिए दबाव डालने जैसे आरोप लगाए हैंं। विधवा और तलाकशुदा महिला कर्मचारियों ने धर्म परिवर्तन करने के लिए मानसिक दबाव डालने जैसे आरोप भी पत्र में लिखे हैं। उन्होंने कहा कि जब हमने इसका विरोध किया तो हमें नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। बाद में हमें नौकरी से निकाल दिया और हमारी 4 महीने की सैलरी भी रोक ली गई। 50 लाख रुपए की ब्लैकमेलिंग और आरोप झूठे स्वास्तिक हॉस्पिटल के डायरेक्टर रमीज अली ने भी अपने पक्ष में हॉस्पिटल के 20-25 कर्मचारियों के साइन किए पत्र में शिकायत की। उन्होंने आरोपों को निराधार और झूठा बताया। उन्होंने कहा कि पूरा मामला पार्टनरशिप तोड़ने और ब्लैकमेलिंग से जुड़ा है। उनका कहना है कि हमारे हॉस्पिटल में डॉक्टर सुशमीत श्रीवास्तव से मेरी पार्टनरशिप रही। कुछ महीने पहले मैंने पार्टनरशिप तोड़ने का कहा तो श्रीवास्तव ने मुझसे 50 लाख रुपए मांगे। जब हमने मना किया तो उन्होंने ये सारी झूठी कहानी रची। मेरे विरुद्ध षड्यंत्र रचा गया: डायरेक्टर डॉक्टर सुशमीत श्रीवास्तव ने हॉस्पिटल में कार्यरत चार महिला कर्मचारी और एक अन्य पूर्व कर्मचारी राजकुमार शर्मा के साथ मिलकर मेरे विरुद्ध षड्यंत्र रचते हुए योजनाबद्ध तरीके से हॉस्पिटल में साम्प्रदायिक भेद-भाव का झूठा आरोप लगाया। जबकि इस संबंध में हॉस्पिटल में कार्यरत लगभग 75-80 व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं है। दोनों पक्षों की शिकायत की जांच जारी देहात थाने के एएसआई जीएस रघुवंशी का कहना है कि दोनों पक्षों की तरफ से कुल 5 शिकायती पत्र आएं है। मामले में जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। धर्म परिवर्तन जैसी बात सामने नहीं आई है। Post navigation सोनकर समाज का 78 साल पुराना परंपरागत आयोजन:शिव-पार्वती विवाह में उमड़ी भीड़, विधि-विधान से हुई विदाई बागेश्वर धाम में आरती के दौरान गर्भवती महिला घायल:जल छिड़काव के वक्त धक्का-मुक्की में नीचे गिरी, जिला अस्पताल में भर्ती