महान क्रांतिकारी पंडित चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर आज पूरे देश में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। विदिशा में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मिर्जापुर बाईपास स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचे। विधायक मुकेश टंडन ने चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आजाद का जन्म 23 जुलाई, 1906 को मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के भाबरा गांव में हुआ था। यह स्थान अब आजादनगर के नाम से जाना जाता है। जज के सामने अपना नाम ‘आजाद’ बताया
महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से जुड़े आजाद की क्रांतिकारी यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही। एक बार जब वे गिरफ्तार हुए, तो जज के सामने अपना नाम ‘आजाद’, पिता का नाम ‘स्वतंत्रता’ और निवास स्थान ‘जेल’ बताया। 15 कोड़ों की सजा के दौरान हर वार पर ‘वंदे मातरम’ और ‘महात्मा गांधी की जय’ का उद्घोष किया। इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में खुद को गोली मारी
आजाद ने हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी के साथ मिलकर स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 27 फरवरी, 1931 को इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में अंग्रेजों से मुठभेड़ के दौरान उन्होंने स्वयं को गोली मार ली और देश के लिए शहीद हो गए। कार्यक्रम में विधायक मुकेश टंडन, नगर पालिका प्रतिनिधि राकेश शर्मा, दुर्गा नगर मंडल अध्यक्ष सुरेन्द्र चौहान सहित कई भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।