शिवपुरी जिले के पोहरी कस्बे में बुधवार को 12वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शव पर चोट के निशान मिलने से मामला संदिग्ध हो गया है। परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले दो युवकों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। 17 वर्षीय छात्रा 25 फरवरी को परीक्षा देकर गांव लौटी थी और अगले ही दिन आत्महत्या कर ली। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। छात्रा के छोटे भाई ने बताया कि दोनों युवक उसकी बहन को लंबे समय से परेशान कर रहे थे। बता दें कि छात्रा का छोटा भाई भी उसके साथ पोहरी में किराए के कमरे में रहता था। वह छठी कक्षा का स्टूडेंट है। 6 दिन पहले भी किया था सुसाइड का प्रयास 20 फरवरी को छात्रा ने कुछ गोलियां खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी। हालत बिगड़ने पर उसे ग्वालियर रेफर किया गया था। 21 फरवरी को हालत में सुधार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिल गई। फोन पर जताई थी आत्महत्या की बात 25 फरवरी को परीक्षा देकर लौटते समय छात्रा ने फोन पर किसी से कहा था कि वह दो दिन में आत्महत्या कर लेगी। इसके बाद वह अपने किराए के कमरे पर गई, लेकिन पढ़ाई छोड़कर गांव लौट आई। 26 फरवरी की शाम घर पर फांसी लगाकर जान दे दी। छात्रा के ताऊ ने आरोप लगाया कि उसकी पीठ पर मारपीट के निशान मिल हैं। उन्होंने दावा किया कि युवकों की प्रताड़ना के कारण ही उसने यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि 24 फरवरी को जब वह परीक्षा देने पोहरी आई, तो काफी सहमी हुई थी। वह 10वीं कक्षा से ही पोहरी कस्बे में किराए के कमरे में रह रही थी। छोटा भाई भी साथ रहता। उसी मकान में एक युवक किरायेदार था। दूसरा युवक पड़ोस में कुछ महीने पहले आया था। दोनों आपस में दोस्त थे। छात्रा के पिता की कुछ वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी थी। परिवार उसकी पढ़ाई जारी रखना चाहता था। एसपी बोले- परिजनों के बयान के आधार पर होगी कार्रवाई एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। छात्रा या उसके परिवार ने पहले कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। अब परिजनों के बयान दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी। Post navigation नरसिंहपुर में गन्ना किसानों को नहीं मिला भुगतान:दो मिलों पर 1.40 करोड़ बकाया, किसान संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी शिवपुरी में 22 हजार छात्रों ने दिया 10वीं का पेपर:68 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ हिंदी का पेपर; 934 छात्र अनुपस्थित रहे