कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई करने के बाद जब नौकरी न मिले तो हारकर बैठ जाने के बजाय नए जॉब के अवसर तलाशने में ही समझदारी है। ये बात इस रैपिडो राइडर की कहानी से समझी जा सकती है। इसकी कहानी एक ट्विटर यूजर ने अपने अकाउंट पर शेयर की। इस यूजर का नाम नीरज है। फर्स्ट डिवीजन की डिग्री, फिर भी नहीं मिली नौकरी नीरज ने बताया कि राइड के दौरान उन्होंने अपने रैपिडो राइडर के हेलमेट पर एक कॉलेज का स्टिकर देखा। ट्रैफिक में इंतजार करते समय दोनों में बातचीत शुरू हुई। पोस्ट के अनुसार, राइडर ने इस साल कंप्यूटर साइंस में फर्स्ट डिवीजन की डिग्री के साथ ग्रेजुएट किया था। उसके बाद अलग-अलग कंपनियों में आवेदन भेजने के बावजूद उसे नौकरी नहीं मिली। बचत खत्म होने पर की रैपिडो राइडर की नौकरी रैपिडो राइडर ने नीरज को बताया कि जब उसकी सारी बचत खत्म हो गई और नौकरी नहीं मिली तो उसने रैपिडो राइडर का काम शुरू किया। वह 2 महीने से हर दिन सुबह 6 बजे से राइड कर रहा है। राइडर ने यह भी बताया कि उसके माता-पिता को लगता था कि वह अभी भी घर पर इंटरव्यू की तैयारी कर रहा है। उसने उन्हें रैपिडो राइडर के काम के बारे में नहीं बताया क्योंकि उसे अपनी स्थिति समझाने का तरीका नहीं सूझ रहा था। नए ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी की कमी नीरज से बात करते हुए वह कहने लगा कि ‘बाजार की स्थिति अभी ऐसी है,’ और उसके बाद ऐसे गाड़ी चलाता रहा जैसे सब कुछ बिल्कुल सामान्य हो। नीरज ने पोस्ट खत्म करते हुए कहा, “मुझे नहीं पता, लेकिन ऐसा लगता है कि यह हमारी सोच से कहीं अधिक लोगों के साथ हो रहा है। शायद अभी नए ग्रेजुएट्स के लिए नौकरी का बाजार विशेष रूप से कठिन है।” meet a guy on rapido last week recognized the college sticker on his helmet and ended up talking to him for like 10 mins while we were stuck in trafficturns out he graduated this year first division CS and now two months later he’s doing 6am rides everyday cause savings ran…— Niraj (@nirajxdev) July 3, 2026 सोशल मीडिया पर यूजर ने किए कमेंट्स एक यूजर ने कहा दुर्भाग्य है देश का जो ऐसे काबिल नवजवानों की काबिलियत नहीं रख पा रहा है इसलिए लोग देश छोड़कर विदेश में नौकरी करना, बसने के लिए जा रहे हैं। वहीं दूसरे यूजर के अनुसार, सिर्फ डिग्री होने से नौकरी नहीं मिलती है, साथ मे योग्यता, स्किल, काम करने के प्रति उत्साह, सीखने की इच्छा आदि बहुत सी चीजे देखी जाती है। किसी ने ये भी लिखा कि 100, 200 रुपए हर दिन कमाएगा बेचारा। इसके जवाब में दूसरे यूजर ने कहा – मेरा दोस्त रैपिडो चलाता है। एक दिन में 700 रुपए कमा लेता है। ये खबर भी पढ़ें 50 साल पुराना कोएड स्कूल बॉयज स्कूल निकला:प्रशासन ने बिना बताए किया बदलाव, 120 लड़कियों का एडमिशन कैंसिल हुआ पश्चिम बंगाल में पूर्वी बर्दवान के कलना नंबर 2 ब्लॉक स्थित बैद्यपुर विद्यापीठ पिछले 50 सालों से को-एड (गर्ल्स और बॉयज) स्कूल के तौर पर संचालित हो रहा है, लेकिन बीते दिनों जब 11वीं में पढ़ने वाली गर्ल्स स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन के लिए एजुकेशन पोर्टल पर आवेदन किया तो पता चला कि बैद्यपुर विद्यापीठ बॉयज स्कूल में बदल दिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें Post navigation AICTE ने बंद किए 58 कॉलेज, 950 कोर्सेस:यूपी और महाराष्ट्र के 24 कॉलेज बंद , स्टूडेंट्स और प्रोफेसर की कमी के चलते लिया फैसला