फर्स्ट ग्रेड कॉलेजों के गेस्ट लेक्चरर्स को UGC का एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पूरा करने के लिए तीन साल का समय दिया जा सकता है। उच्च शिक्षा विभाग का प्रस्ताव है कि गेस्ट लेक्चरर्स अगले तीन साल में जरूरी क्वालिफिकेशन, जैसे PHd या NET/KSET पूरा करें। इससे UGC के नियम भी पूरे होंगे और लेक्चरर्स को तैयारी का समय भी मिलेगा। हाल ही में उच्च शिक्षा और कानून विभाग की बैठक में यह भी बात हुई कि इस शैक्षणिक साल के लिए गेस्ट लेक्चरर्स का कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया जाए, ताकि फिलहाल उन्हें राहत मिल सके। 5,500 से ज्यादा गेस्ट लेक्चरर्स पर संकट हाईकोर्ट के हालिया आदेश के मुताबिक, सिर्फ वही लेक्चरर्स नियुक्त हो सकते हैं जो UGC की योग्यता पूरी करते हैं। अभी 5,500 से ज्यादा गेस्ट लेक्चरर्स के पास ये क्वालिफिकेशन नहीं है। इस फैसले से उनकी नौकरी पर संकट है। सरकार मानवीय दृष्टि से भी इस मुद्दे को देख रही है। अफसरों का कहना है कि UGC के नियम और हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए लेक्चरर्स की नौकरी भी बचानी है। इस पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री की चर्चा के बाद लिया जाएगा। तीन साल की मोहलत और कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार की इस कोशिश को दिखाता है कि पढ़ाई की क्वालिटी भी बनी रहे और गेस्ट लेक्चरर्स की रोजी-रोटी भी सुरक्षित रहे। ——————- ऐसी ही और खबरें पढ़ें… स्कूल, कॉलेजों के करिकुलम में जुड़ेगा आयुर्वेद:NCERT और UGC मिलकर तैयार कर रहे कोर्स मॉड्यूल, अगले सेशन से बदल सकता है सिलेबस भारत के प्राचीन आयुर्वेद ज्ञान को अब स्कूल और कॉलेजों के हेल्थ एजुकेशन कोर्सेज में शामिल किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… Post navigation सरकारी नौकरी:झारखंड में होमगार्ड की भर्ती के लिए आवेदन का आज आखिरी दिन, 463 वैकेंसी, 7वीं, 10वीं पास तुरंत करें अप्लाई सरकारी नौकरी:एमपी पुलिस विभाग में 7500 पदों पर भर्ती के लिए लास्ट डेट एक्सटेंड, अब 6 अक्टूबर तक करें अप्लाई