राजगढ़ जिले के सुठालिया में विदिशा, गुना और राजगढ़ जिले के वन विभाग ने राजस्व विभाग और पुलिस के साथ मिलकर बड़ी मात्रा में अवैध सागौन की लकड़ी और उससे बने फर्नीचर को जब्त किया था। जब्त सामग्री को लटेरी में रखा गया है। विदिशा के डीएफओ हेमंत यादव ने बताया कि 12 टीमों ने दो दिन तक जब्त सामग्री की नपाई की। करीब 35 घन मीटर सागौन की लकड़ी मिली है, जिसकी कीमत बाजार में लगभग सवा करोड़ रुपए है। शासन स्तर पर होती है सागौन की नीलामी डीएफओ ने बताया कि सागौन की लकड़ी सामान्य तौर पर बाजार में नहीं बेची जाती। इसकी नीलामी शासन के निर्देश पर ही की जाती है। सुठालिया प्रदेश में अवैध सागौन फर्नीचर निर्माण का बड़ा केंद्र है। लटेरी के जंगलों में सागौन बड़ी मात्रा में पाई जाती है। लोग बोले- बाइक पर सागौन की तस्करी करते है माफिया वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि वन विभाग के पास अवैध कटाई रोकने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। यहां से सागौन की तस्करी सिर्फ राजगढ़ के सुठालिया तक ही नहीं, बल्कि राजस्थान तक होती है। वन माफिया बाइक पर सागौन की सिल्लियां रखकर 90 किलोमीटर की दूरी तय कर लेते हैं।