ग्वालियर का द लेगेसी प्लाजा मंगलवार-बुधवार आधी रात को एक धमाके से दहल उठा। रात के ठीक 2:15 बजे फ्लैट L-1 में ब्लास्ट हुआ, जिसमें एक महिला सहित दो लोग झुलस गए। L-2 और L-3 फ्लैट पूरी तरह टूट गए। देर रात पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रंजना और अनिल देर रात सिलेंडर से गैस लीक कर रील्स बना रही थी। वह बार-बार लोहे की छड़ से गैस लीक कर रही थी और अनिल रील्स बना रहा था। इस बीच उन्होंने आधा सिलेंडर खाली कर दिया। जब अनिल ने रील को बेहतर बनाने के लिए लाइट जलाई, तो ब्लास्ट हो गया। पुलिस ने रंजना और अनिल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। रंजना कभी अनिल को ससुर तो कभी देवर बता रही थी। धमाके से 100 से ज्यादा फ्लैट हुए प्रभावित आधी रात धमाके की आवाज से द लेगेसी प्लाजा के करीब 100 से ज्यादा फ्लैट प्रभावित हुए। धमाके का असर इतना तेज था कि पड़ोसियों के फ्लैट के दरवाजे तक उखड़कर दूर जा गिरे। करीब 50 फ्लैटों की खिड़कियों के कांच टूट गए और 15 से ज्यादा कारों के शीशे भी चकनाचूर हो गए। जब दैनिक भास्कर की टीम द लिगेसी प्लाजा पहुंची, तो स्थानीय लोग घबराए हुए थे। टूटी हुई खिड़कियों से महिलाएं और बच्चे झांकते नजर आ रहे थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या हुआ, तो लोगों ने बताया कि धमाका इतना जबरदस्त था कि कुछ देर के लिए लगा कि अपार्टमेंट में किसी ने बम ब्लास्ट किया है। जिंदगी में इतना बड़ा धमाका पहले कभी नहीं सुना था। कुछ लोगों को लगा कि भूकंप आ गया, क्योंकि फ्लैट्स में कंपन हो रहा था, कांच टूटकर बिखर रहे थे। बिल्डिंग में रहने वाले लोग अपने बच्चों को लेकर बाहर की तरफ भागे। जब नीचे पहुंचे, तो असली स्थिति का पता चला। आगे बढ़ने से पहले देखिए, हादसे की 5 तस्वीरें… 5 महीने पहले ही खरीदा था फ्लैट रंजना ने 5 महीने पहले ही बिल्डिंग के बी-ब्लॉक में L-1 फ्लैट खरीदा था। इसे वह किराए पर चलाती थी। 20 दिन पहले दो लड़कियों ने यह फ्लैट किराए पर लिया था लेकिन सोमवार को अचानक इसे खाली करके चली गईं। मंगलवार रात करीब 11 बजे रंजना बेटे और बेटी से यह कहकर निकली कि फ्लैट की सफाई करनी है। सुबह तक आ जाएगी। वहीं, अनिल के परिजन का कहना है कि रंजना ने रात 9 बजे कॉल कर उसे बुलाया था। बेटा पहुंचा तो झुलसी मिली रंजना धमाके की आवाज आई तो 14 वर्षीय बेटे ने रंजना को फोन कर इसके बारे में पूछा। इस पर रंजना ने कहा- जल्दी नीचे आ। जब वह नीचे पहुंचा तो रंजना झुलसी पड़ी थी। उसके कपड़े जल चुके थे। अनिल झुलसी हुई हालत में बाहर की ओर भाग रहा था। उसके शरीर पर भी कपड़े नहीं थे। बेटे ने रंजना के कपड़े बदले और पड़ोसियों के साथ दोनों को हॉस्पिटल लेकर आया। बिल्डिंग में रहने वाले कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जब तक पुलिस पहुंची, घायलों को अस्पताल भेजा जा चुका था। घायल अनिल का भाई बोला- साजिश लग रही है घायल अनिल राणा का भाई देवेंद्र राणा घटना के बाद अस्पताल पहुंचा। उसने कहा, अनिल को महिला ने रात 9 बजे कॉल करके बुलाया था। महिला रिश्ते में मेरी भाभी लगती है। कुछ समय पहले उसने अनिल पर हार चोरी का आरोप लगाया था और उसे परेशान कर रही थी। मुझे यह हादसा किसी साजिश का हिस्सा लग रहा है। पुलिस को इस मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए। एलपीजी सिलेंडर से गैस लीक बना ब्लास्ट की वजह प्रारंभिक जांच में मौके से पुलिस को किसी भी तरह की कोई संदिग्ध वस्तु या एक्सप्लोसिव नहीं मिला था। ग्वालियर पुलिस का कहना है कि फ्लैट एक दिन पहले ही खाली हुआ था और वहां नया सिलेंडर लाया गया था। हालांकि, सिलेंडर आधा खाली था। आशंका है कि सिलेंडर से गैस का रिसाव हो रहा था। बाद में सिलेंडर हटा दिया गया, लेकिन कमरे में गैस भर चुकी थी। एएसपी सुमन गुर्जर ने बताया, गैस के रिसाव के कारण कमरे में वैक्यूम बन गया था। जैसे ही लाइट ऑन की गई, विस्फोट हो गया। प्रारंभिक जांच में यही कारण सामने आ रहा है। दोनों घायलों का उपचार जारी है। लोग बोले- भागो-भागो, बिल्डिंग गिर रही है! बिल्डिंग में रहने वाले नरेंद्र कुमार (L-6 फ्लैट) ने बताया, जब धमाके की आवाज आई, तो मैं बाहर निकला। मेरे फ्लैट की सभी खिड़कियों के शीशे टूट गए थे। सामने वाले फ्लैट में आग लगी थी और पूरी बिल्डिंग में कंपन हो रहा था। पड़ोसी चिल्ला रहे थे, ‘भागो-भागो, बिल्डिंग गिरने वाली है!’ इसके बाद मैं भी अपने परिवार और बच्चों को लेकर नीचे भागा। तभी इस घर में रहने वाले लोग जलते हुए बाहर आए। जब लगा कि अब बिल्डिंग नहीं गिरेगी, तो अंदर गए। दोनों लिफ्टें टूट चुकी थीं। ऐसा धमाका मैंने अपनी जिंदगी में पहली बार देखा है।” पड़ोसी बोले- हमारे दरवाजे तक उखड़कर टूट गए! बिल्डिंग के L-4 फ्लैट में रहने वाले महेंद्र सिंह राठौर ने बताया, अचानक तेज धमाके की आवाज आई। उसी पल देखा कि हमारा लकड़ी का मजबूत दरवाजा कुंडी सहित उखड़कर कमरे में बेड के कोने तक आ गिरा। मैं और मेरा बेटा बाल-बाल बचे। कुछ सेकेंड के लिए लगा जैसे किसी ने बम धमाका किया हो। इसके बाद मैं पत्नी और बच्चों को लेकर तुरंत बाहर भाग गया। सुबह ही वापस लौटे। जब हम बाहर खड़े थे, तो पहले एक पुरुष जलता हुआ बाहर भागा। उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे। फिर एक महिला जली हुई अवस्था में बाहर निकली।” “मुझे लगा भूकंप आया है” अपार्टमेंट में रहने वाले संजीव सिंह चौहान ने बताया कि वह दूसरे ब्लॉक में रहते हैं। धमाके की आवाज सुनकर उन्हें लगा कि भूकंप आया है, इसलिए वे परिवार सहित बाहर निकल आए। पूरी बिल्डिंग के लोग नीचे मौजूद थे। कई लोग दहशत में अपने घरों को लॉक करके बाहर चले गए थे। बाद में संजीव कुछ अन्य लोगों के साथ अंदर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। उन्होंने घटना का पूरा दृश्य वीडियो कॉल के जरिए अपने परिजनों को भी दिखाया।