मध्यप्रदेश के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल अपने ‘भीख मांगने’ वाले बयान पर अब भी कायम हैं। उन्होंने कहा- ‘मैने ऐसा कुछ कहा ही नहीं, जिसके लिए माफी मांगना पड़े। मैंने तो जनता के स्वाभिमान की बात कही थी।’ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा- ‘विरोध करना है तो प्रह्लाद पटेल का करो लेकिन मेरी पार्टी को मेरे नेताओं को क्यों गाली दे रहे हो।’ पटेल ने 1 मार्च को राजगढ़ जिले के सुठालिया में रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के दौरान कहा था- अब तो लोगों को सरकार से भीख मांगने की आदत पड़ गई है। नेता आते हैं, एक टोकना (टोकरी) तो कागज मिलते हैं उनको। मंच पर माला पहनाएंगे और एक पत्र पकड़ा देंगे। यह अच्छी आदत नहीं है। पटेल के इसी बयान को लेकर विरोध हो रहा है। विवाद के बाद पटेल ने दैनिक भास्कर को दिए पहले इंटरव्यू में उठ रहे तमाम सवालों के जवाब दिए। सवाल – आपके भीख मांगने वाली बात क्यों कही, क्या संदर्भ था? पटेल- स्वाभिमान से समाज खड़ा हो, यही बलिदानी परंपरा का सम्मान होगा तो मैंने पहला वाक्य यही कहा- चित्र बदल सकता है, लेकिन चरित्र नहीं बदलता। रानी अवंती बाई का जन्म स्थान बरगी बांध में डूब गया। उनका किला नष्ट कर दिया गया। भारत के इतिहासकारों ने उनका उल्लेख नहीं किया लेकिन जो अंग्रेज उनसे हारा, उससे वह इतिहास प्रकट हुआ और रानी अवंती बाई की प्रतिष्ठा पूरा देश स्वीकार करता है। तो जहां चरित्र होता है। वहां आज नहीं तो कल उभर कर सामने आता है। यह मूल्यों की राजनीति है। यह बेईमानों को पसंद नहीं आएगी। जब हम लोगों से कहते हैं कि हम देने वाले बनें, उस समय मैंने परिक्रमा का उदाहरण दिया था। मैंने बताया कि एक आदिवासी ने मुझे अपना आधा आटा दे दिया। मैं जब तक जीवित रहूंगा, उससे बड़ा दानी किसी को नहीं मानूंगा, भले ही वह उस समय नशे में था। इसका भी मैंने अपने भाषण में उल्लेख किया। सवाल: तो फिर आपके बयान पर इतना हंगामा क्यों हो रहा है? पटेल: वीरांगना रानी अवंती बाई की प्रतिमा के अनावरण का कार्यक्रम था। कांग्रेस जिस रुख पर चल रही है, उसमें कोई तथ्य नहीं है। मैंने जनता के लिए ऐसा कुछ नहीं कहा। जब आप समाज के बीच संवाद करते हैं, तो नैतिक मूल्यों और समाज को खड़ा करने की बात करते हैं, लेकिन इन बातों को छोड़कर अन्य बातें कही जा रही हैं। जो भी मेरा पूरा भाषण सुनेगा, उसे स्पष्ट हो जाएगा कि मैंने क्या कहा है। कांग्रेस कह रही है कि, मैंने जनता को कुछ कहा, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। कांग्रेस के नेता जीतू पटवारी या अन्य जो भी नेता बयान दे रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि, वे अपने बयान में कह रहे थे, “अरे, जनता ने दे दिया, इसलिए ये ऐसी भाषा बोल रहे हैं।” लेकिन जब भी मैं समाज के बीच गया हूं, मैंने हमेशा समाज को स्वाभिमान के साथ खड़ा करने की बात की है। मैंने जातिवाद का भी विरोध किया है और कहा है कि रानी अवंती बाई ने कभी जातिवाद की बात नहीं की। मैं मानता हूं कि मंच पर या सामने बैठे किसी भी व्यक्ति को मेरे शब्दों से असहमति होती, तो मैं खुद को दोषी मानता। सवाल- आपने कहा कि मैं आगे भी ऐसा कहता रहूंगा, ये अहंकार नहीं है? नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा है कि घमंड रावण का नहीं रहा? पटेल: मैंने उमंग सिंघार का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा था, “रावण का अहंकार नहीं रहा।” मैं एक बात बड़ी विनम्रता से कहूंगा कि इस तरह के प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेशन) न वे दे सकते हैं, न मैं। हम सबके मरने के बाद जो इतिहास में लिखा जाएगा। वह सर्टिफिकेट होगा, आने वाली पीढ़ी के लिए। सवाल- कांग्रेस आपके बयान को लेकर आंदोलन कर रही है? पटेल: मैं कांग्रेस के नेताओं के बारे में व्यक्तिगत टिप्पणियां करने का समर्थक नहीं हूं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कौन हैं या क्या कहते हैं। मेरा स्वभाव भी निजी जीवन में इस तरह की बातें करने का नहीं है, और न ही मैंने कभी ऐसा किया। हाल ही में मुकेश नायक ने कहा कि भाजपा के नेता मोटे हो गए हैं। मुकेश जी के मोटापे के आगे कोई भाजपाई नहीं लगता। मेरा उनसे सिर्फ इतना ही कहना है। ऐसी बातें कहना ठीक नहीं है। मुकेश जी मुझे जानते हैं, मैं मुकेश जी को जानता हूं। मैं किसी के बारे में व्यक्तिगत टिप्पणियां नहीं करता, और न ही ऐसा करना उचित समझता हूं। लेकिन अब कहा जा रहा है कि मैं फिर से वही बातें कहूंगा। मैं हमेशा समाज को नैतिक मूल्यों पर खड़े रहने के लिए प्रेरित करता रहा हूं और आगे भी करता रहूंगा। यह मेरी जिम्मेदारी है, क्योंकि समाज को सशक्त बनाना ही मेरा लक्ष्य है। लेकिन इसके लिए कहा जाए कि, मैंने आवेदन के लिए ऐसा कहा, मुझे लगता है कि उसको ट्विस्ट करके अलग ले जाया जा रहा है। यह गलत है। पूरी तरह से असत्य है। सवाल- कांग्रेस कह रही है कि आप माफी मांगें या इस्तीफा दें? पटेल- पहले तो वह माफी मांग लें। जिन्होंने मेरी पार्टी और नेतृत्व की इतनी आलोचना की है। जबकि, वह पार्टी का मंच नहीं था। मेरे नेतृत्व का कोई लेना-देना नहीं था। यह बात में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह चुका हूं कि विरोध करना है तो प्रह्लाद पटेल का करो लेकिन मेरी पार्टी को मेरे नेताओं को क्यों गाली दे रहे हो। माफी तो उनको मांगनी चाहिए। सवाल- पार्टी ने आपके बयान पर संज्ञान लिया है क्या, क्या किसी ने बात की? पटेल- पार्टी ने तो संज्ञान लिया है तो यह तो अच्छी बात है, लेकिन यह उनको (कांग्रेस) कैसे पता? हमारी पार्टी संज्ञान लेगी तो पार्टी अपना रास्ता तय करेगी। इससे कांग्रेस के पेट में दर्द नहीं होना चाहिए, लेकिन जब मैंने उनसे कहा कि उस मंच पर कांग्रेस के लोग भी थे। तो यह प्रमाणित हो गया कि, वह पार्टी का कार्यक्रम नहीं था। तब आपने भारतीय जनता पार्टी और मेरे नेताओं के खिलाफ कैसे बोले। इसके लिए कांग्रेस को माफी मांगनी चाहिए।सवाल- कांग्रेस ने चरणबद्ध आंदोलन की बात कही है, इसका क्या जवाब है आपके पास? पटेल- कांग्रेस के पास कुछ और तो है नहीं। मुझे लगता है कि, मैं तैयार हूं। वह प्रहलाद पटेल का विरोध करें तो मुझे कोई आपत्ति नहीं। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढे़ं… मंत्री ने कहा था- अब तो लोगों को सरकार से भीख मांगने की आदत पड़ गई है मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने शनिवार को कहा, ‘अब तो लोगों को सरकार से भीख मांगने की आदत पड़ गई है। नेता आते हैं, एक टोकना (टोकरी) तो कागज मिलते हैं उनको। मंच पर माला पहनाएंगे और एक पत्र पकड़ा देंगे। यह अच्छी आदत नहीं है। लेने की बजाय देने का मानस बनाएं। मैं दावे से कहता हूं आप सुखी होंगे। पढ़ें पूरी खबर Post navigation गैस-लीक होने से बना वैक्यूम, लाइट ऑन करते ही ब्लास्ट:7 मंजिला इमारत में ब्लास्ट का खुलासा, सिलेंडर से गैस लीक कर रील्स बना रहे थे घायल श्योपुर में मिला 90 किलो का अजगर और दो बच्चे:वन विभाग ने जेसीबी से किया रेस्क्यू, जंगल में छोड़ा