चिकन-कंटामिनेशन-के-कारण-बीमार-हुए-‘धुरंधर’-के-क्रू-मेंबर्स:टीम-बोली-सेट-पर-कोई-लापरवाही-नहीं-हुई,-पूरे-लेह-में-संक्रमण-फैला-है

रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर की शूटिंग इन दिनों लेह में चल रही है। 17 अगस्त को 120 क्रू मेंबर्स की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। शुरुआत में कहा गया था कि खराब खाने की वजह से या सेट पर कम खर्च करने की वजह से यह समस्या हुई। लेकिन अब स्थानीय प्रशासन ने साफ किया है कि यह पूरी लेह इलाके में फैले चिकन कंटामिनेशन के कारण हुआ था। इसका फिल्म के खाने या सुविधाओं से कोई लेना-देना नहीं था। फिल्म की टीम का कहना है, धुरंधर सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है, इसलिए खर्च कम करने की कोई वजह नहीं है। लेह में शूटिंग करना बहुत मुश्किल काम है। टीम में 300 से ज्यादा लोग हैं। वहां एक स्थानीय संदूषण की समस्या थी, जिस कारण यह घटना हुई। यह बहुत गलत है कि इस तरह की गलत और बिना वजह की बातें फैलाई जा रही हैं। क्रू मेंबर्स की सुरक्षा हमेशा सबसे प्राथमिकता रही है। स्वास्थ्य और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा गया है। अब और भी ज्यादा सावधानी बरती जा रही है और खाने-पीने का सामान देने वालों की कड़ी जांच की जा रही है। यूनिट ने फिर से काम शुरू कर दिया है। फिल्म अब अपने आखिरी हिस्से की शूटिंग कर रही है। यहां कुछ और हफ्तों की शूटिंग बाकी है। हम मिड-सितंबर तक शूट पूरा करके मुंबई लौट आएंगे। बता दें, फिल्म के सेट पर 17 अगस्त को 600 लोगों के लिए खाना बना था। खाना खाने के ठीक बाद 120 लोगों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें भर्ती करवाया गया। इस मामले में अब AICWA (ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिशन) ने सख्त जांच की मांग की है। एसोसिएशन ने एक पोस्ट शेयर कर लिखा है, ‘एसोसिएशन लेह में चल रही धुरंधर की शूटिंग में हुई शॉकिंग घटना से गहरी चिंता में है, जहां 150 वर्कर्स को फूड पॉइजनिंग हो गई। लीडिंग एक्टर रणवीर सिंह की मौजूदगी और हाई बजट होने के बावजूद ये बेहद दुखद है कि सेट पर स्वच्छ और सुरक्षित खाने जैसी बेसिक जरुरतों की अनदेखी की गई।’ एसोसिएशन का कहना है कि फिल्म के प्रोड्यूसर और फायनेंसर पैसे बचाने के लिए खाने की क्वालिटी से समझौता करते हैं और वर्कर्स को अस्वच्छ खाना परोसकर उनकी जान खतरे में डालते हैं। नोट में आगे लिखा गया है, ‘लगभग हर शूटिंग के सेट पर दो अलग-अलग डाइनिंग टेबल होते हैं, एक मजदूरों के लिए और दूसरा प्रोड्यूसर, प्रोडक्शन टीम और एक्टर्स के लिए। मजदूरों को घटिया और अस्वास्थ्यकर खाना परोसा जाता है, जबकि हाई क्वालिटी फूड प्रोड्यूसर्स और एक्टर्स के लिए रखा जाता है। ये खुला भेदभाव दर्शाता है कि फिल्म इंडस्ट्री में मजदूरों की सेहत और सम्मान को कितना कम महत्व दिया जाता है।’ आगे लिखा गया है, ‘AICWA सख्ती से मांग करता है कि प्रोड्यूसर और धुरंधर प्रोडक्शन हाउस इस घटना की पूरी जिम्मेदारी लें और ये सुनिश्चित करें कि सभी प्रभावित वर्कर्स को बेहतरीन अस्पतालों में तत्काल और सही मेडिकल ट्रीटमेंट मिले।’