रैपर-बादशाह-के-क्लब-पर-धमाका-करने-वाला-गिरफ्तार:दिल्ली-से-पकड़ा,-गोल्डी-बराड़-से-जुड़ा-था;-चंडीगढ़-के-दो-क्लबों-पर-विस्फोट-हुए

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 2024 में चंडीगढ़ स्थित रैपर और गायक बादशाह के नाइट क्लब के बाहर हुए बम धमाकों के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी पंजाब के फरीदकोट के रहने वाले दीपक हैं, जिन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। सूत्रों के अनुसार, दीपक कथित तौर पर कनाडा में छिपे कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के करीबी संपर्क में था। गोल्डी बराड़ लॉरेंस बिश्नोई गैंग का अहम सदस्य माना जाता था, जिसने इस बम हमले की जिम्मेदारी एक कथित फेसबुक पोस्ट के जरिए ली थी। हालांकि अब गोल्डी बराड़ लॉरेंस गैंग से अलग हो गया है। पुलिस का मानना है कि दीपक न केवल इस हमले में शामिल था, बल्कि उसने पूरी साजिश को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चंडीगढ़ में 26 नवंबर को हुआ था क्लब पर हमला
यह घटना 26 नवंबर 2024 की है, जब चंडीगढ़ के दो लोकप्रिय नाइट क्लबों के बाहर बम धमाके हुए। पहला धमाका सेक्टर-26 स्थित सेविल बार एंड लाउंज के बाहर हुआ, जो बादशाह की मालिकाना हक वाला क्लब है। दूसरा धमाका डी ओरा क्लब के बाहर हुआ, जो स्थानीय कारोबारियों के स्वामित्व में है। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध युवक को क्लबों की ओर बम फेंकते और फिर वहां से तेजी से भागते हुए देखा गया। सौभाग्य से, इन धमाकों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन घटनाओं ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। पहले भी बादशाह के क्लब पर हो चुका था हमला
बादशाह के सेविल बार एंड लाउंज पर यह पहली आपराधिक वारदात नहीं थी। इससे पहले भी क्लब के बाहर फायरिंग की घटना हो चुकी है। उस समय पुलिस ने मामले को गैंगवार से जोड़कर देखा था और क्लब की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। वर्तमान बम धमाकों की घटना को भी पुलिस इसी कड़ी से जोड़कर देख रही है। धमाके के कुछ घंटे बाद ही तब लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट के जरिए धमाकों की जिम्मेदारी ली थी। बराड़ ने पोस्ट में क्लब मालिकों को चेतावनी भी दी थी। पुलिस के मुताबिक यह हमला किसी व्यक्तिगत रंजिश से ज्यादा गैंग के वर्चस्व और डर का माहौल बनाने के मकसद से किया गया था। आरोपी से गोल्डी सहित गैंग के गुर्गों को लेकर पूछताछ जारी
दिल्ली से गिरफ्तार दीपक से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह हमले से पहले कई बार चंडीगढ़ आया था और यहां रेकी की थी। वह सीधे तौर पर गोल्डी बराड़ के गुर्गों से संपर्क में था और उनके निर्देश पर काम कर रहा था। पुलिस को उम्मीद है कि दीपक की गिरफ्तारी के बाद इस केस से जुड़े और नाम सामने आएंगे। फिलहाल पुलिस इस मामले में पहले से गिरफ्तार आरोपियों से दीपक को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर रही है, ताकि हमले में शामिल पूरी गैंग की पहचान की जा सके।