10 मार्च से लेकर 24 मार्च तक मुरैना जिले के अधिकारी जिला मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। इसके आदेश कलेक्टर अंकित अस्थाना ने मंगलवार को जारी कर दिए हैं। बता दें कि, मध्यप्रदेश विधानसभा का सत्र 10 मार्च से प्रारंभ होकर 24 मार्च 2025 तक चलेगा। इस दौरान विधानसभा में उठाए जाने वाले प्रश्नों के उत्तर समय-सीमा में भेजना अनिवार्य होगा। इसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने जिले के सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ें और अपने सरकारी कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित करें। यह दिए आदेश
कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि जिला कार्यालय प्रमुख, सभी जिला अधिकारी एवं कर्मचारी अपने मुख्यालय पर निवास करते हुए शासकीय कार्यों का निष्पादन करेंगे। किसी भी प्रकार का अवकाश लेने से पहले अधिकारियों को कलेक्टर की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, किसी भी परिस्थिति में बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ना सख्त रूप से प्रतिबंधित किया गया है। अधीनस्थों पर भी लागू होंगे नियम
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि सभी कार्यालय प्रमुख अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी निर्देशित करें कि वे सक्षम अधिकारी से अनुमति लेने के बाद ही अवकाश पर जाएं या मुख्यालय छोड़ें। यह नियम विधानसभा सत्र की सुचारू कार्यवाही और समय पर प्रश्नों के उत्तर भेजने के लिए लागू किए गए हैं। सभी विभागों पर लागू होंगे निर्देश
यह आदेश जिले के सभी प्रमुख विभागों पर लागू होगा, जिनमें स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, नगरपालिका, नगर पंचायत, जनपद पंचायत, एवं राजस्व विभाग (तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी) शामिल हैं। इन विभागों के अधिकारी और कर्मचारी विशेष परिस्थिति में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से अवकाश स्वीकृत कराने के बाद ही मुख्यालय छोड़ सकेंगे। सार्वजनिक अवकाश पर भी जिम्मेदारी
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि विधानसभा सत्र के दौरान सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी संबंधित अधिकारी विधानसभा प्रश्नों को प्राप्त करने और उनके उत्तर भेजने की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसके लिए उन्हें अपने स्तर पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगानी होगी और इसकी जानकारी कलेक्टर कार्यालय को देना अनिवार्य होगा। कठोर कार्रवाई की चेतावनी
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का सभी अधिकारी एवं कर्मचारी कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।