गर्मी की शुरुआत के साथ ही इंदौर में कई स्थानों पर पानी की समस्या आने लगी है। इसे लेकर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा के कड़े तेवर देखने को मिले। मंगलवार को उन्होंने स्मार्ट सिटी ऑफिस में जोनवार जलप्रदाय व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक के दौरान आयुक्त ने निगम अधिकारियों और बोरिंग सुधार कार्य में लगी एजेंसी के प्रतिनिधियों से सवाल किया कि, रोजाना बोरिंग सुधार से संबंधित कितनी शिकायतें प्राप्त होती हैं, इनमें से कितनी का समाधान प्रतिदिन किया जाता है और पिछले सात दिनों में कितनी एवं किस प्रकार की शिकायतें दर्ज हुई हैं। एजेंसी के प्रतिनिधियों ने बताया कि, समस्या के समाधान में चार से पांच दिन का समय लगता है। इस पर आयुक्त ने निर्देश दिया कि बोरिंग सुधार से जुड़ी सभी शिकायतों का समाधान अधिकतम तीन दिनों के भीतर किया जाए। इसके लिए सुधार कार्य में लगी टीम को जोनल ऑफिस में तैनात किया जाए। आयुक्त ने चेतावनी दी कि यदि बोरिंग सुधार कार्य तीन दिनों में पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित एजेंसी पर पेनल्टी लगाई जाएगी, साथ ही पीएचई, एई और एसई के वेतन में भी कटौती की जाएगी। आयुक्त बोले-जोनल ऑफिस में तैनात करें स्टाफ आयुक्त शिवम वर्मा ने गंदे पानी की शिकायतों, लीकेज की समस्या सहित अन्य जलप्रदाय से जुड़ी समस्याओं की जोनवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने एल एंड टी कंपनी के प्रतिनिधि से पूछा कि, वर्तमान में कितनी टीमें कार्यरत हैं और समस्याओं के समाधान में कितना समय लग रहा है। इस दौरान निगम अधिकारियों ने कार्य में देरी की शिकायत की। इस पर आयुक्त ने एल एंड टी कंपनी के प्रतिनिधि को निर्देश दिया कि सभी कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। साथ ही, कंपनी के स्टाफ और टीम को जोनल ऑफिस में तैनात करने के आदेश भी दिए।