नरसिंहगढ़ के जमात मंदिर में सोमवार रात चौथे श्याम फाग महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। सुप्रसिद्ध भजन गायक अमोद जैन (आष्टा) और सतीश अग्रवाल (खुजनेर) ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। “कांच की बाँसुरिया में घणो इतरावे” और “भरदे रे श्याम झोली भरदे” जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते रहे। भक्तों ने फूल और गुलाल की होली भी खेली। श्रद्धालुओं ने मांगी मन्नतें
श्याम मित्र मंडल नरसिंहगढ़ ने ये आयोजन उन भक्तों के लिए किया, जो राजस्थान स्थित खाटूश्याम धाम नहीं जा पाते। फाल्गुन मास में वहां लगने वाले मेले का आनंद स्थानीय श्रद्धालुओं को यहीं मिल सके। मंदिर के दिवंगत महंत नंदराम दास द्वारा शुरू की गई ये परंपरा अब महंत दीपेंद्र दास के मार्गदर्शन में जारी है। श्रद्धालुओं ने मंदिर में प्रज्ज्वलित अखंड ज्योत के समक्ष अपनी मनोकामनाएं रखीं। सफल आयोजन में मंडल सदस्यों की भूमिका
दीपों और फूलों से सजी मंदिर की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में बाबा श्याम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। ये महोत्सव लगातार चौथे वर्ष आयोजित किया गया, जिसमें हर साल भक्तों की संख्या बढ़ रही है। श्याम मित्र मंडल ने सभी श्रद्धालुओं के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और आने वाले वर्षों में इसे और भव्य रूप देने का संकल्प लिया।