मुरार कैंटोनमेंट (छावनी क्षेत्र) से सिविल आबादी वाला एरिया अलग होने में अभी भी पेंच फंसे हुए हैं। सबसे बड़ा पेंच सेना की जमीन (ए-1 लैंड) पर बसी सिविल आबादी को लेकर सामने आ रहा है। जो कि अतिक्रमण के दायरे में है और सेना अपनी इस जमीन के बदले जमीन या फिर मुआवजे के तौर पर कीमत चाहती है। जिसका रास्ता निकालने के लिए फाइनल सर्वे रिपोर्ट तैयार होगी। सोमवार को सांसद भारत सिंह कुशवाह ने कैंटोनमेंट और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें कुशवाह ने कहा कि एक बार फिर संयुक्त सर्वे करके जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट करें। ये अंतिम रिपोर्ट अगले 7 दिन में तैयार हो और इसे तैयार करते वक्त ये ध्यान रखा जाए कि आगे इसमें कोई कमी न रह जाए, इस रिपोर्ट में सभी बिंदुओं को स्पष्ट कर दिया जाए। मुरार छावनी के स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर डीबी सिंह ने बताया कि सेना द्वारा छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया को नगर निगम में शामिल करने से संबंधित सेना की अपेक्षाओं के साथ शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि सिविल एरिया के विलय संबंधी कार्य में जिला प्रशासन से पूरा सहयोग मिलेगा। इस बैठक में कर्नल अमित शर्मा, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, छावनी बोर्ड के सीईओ आकाश शर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद थे। 7 वार्ड में 55 हजार से ज्यादा आबादी, अभी सेना पर एक्स्ट्रा खर्च मुरार कैंटोनमेंट एरिया में सिविल आबादी करीब 55 हजार से ज्यादा है, ये लोग कैंटोनमेंट के 7 वार्ड एरिया में रहते हैं। सैन्य छावनी के इन वार्डों में रहने वाले लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं जुटाने पर सेना को काफी फंड खर्च करना पड़ता है। कैंटोनमेंट एरिया खत्म करने के पीछे एक प्लानिंग ये भी है कि सेना के बजट से ये अतिरिक्त खर्च हटाए जा सकें और सेना सिर्फ अपने काम व अपनी जमीन पर फोकस रखे। वहीं नगर निगम शुरूआत से इन वार्डों के खर्च को देखते इनके विलय से हाथ खींच रहा है। शुरूआत में नगर निगम ने शर्त भी रखी थी कि 7 वार्डों की आबादी का विलय तभी हो सकेगा, जबकि कैंटोनमेंट में खाली जमीन भी उन्हें मिले। छावनी से अलग होने पर रहवासियों को इन योजनाओं का मिल पाएगा सीधे फायदा नगर निगम में शामिल होने के बाद मुरार छावनी क्षेत्र के सिविल एरिया के निवासियों को प्रधानमंत्री आवास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, स्वरोजगार के लिए आर्थिक मदद, मकान बनाने के लिये बैंको से लोन एवं सरकार की तमाम जनकल्याणकारी व विकास योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। साथ ही यहां की बस्तियों में सीवर, पेयजल व स्ट्रीट लाइट समेत तमाम बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार होगा। यहां के निवासियों को भवन निर्माण की अनुमति भी आसानी से मिलने लगेगी। मुरार छावनी क्षेत्र के स्टेशन कमांडर और कलेक्टर ने की चर्चा ए-1 लैंड पर यहां की आबादी ए-1 लैंड यानी कि सैन्य अधिपत्य और सैन्य कार्य की जमीन होती है। कैंटोनमेंट एरिया के लाल टिपारा, महेशपुरा, सुतारपुरा आदि इसी जमीन पर बसे हुए हैं। अब इस जमीन से आबादी को हटाए जाने का निर्णय मुसीबत बनता जा रहा है। वहीं सैन्य अधिकारियों का तर्क है कि इस जमीन का मुआवजा दिया जाए या फिर दूसरी जमीन, जिसका उपयोग सेना अपने कामकाज के लिए कर सके। 2-3 बार हो चुका है सर्वे मुरार कैंटोमेंट एरिया को लेकर पिछले सालों में 2-3 बार सर्वे हो चुका है, लेकिन यह मामला हर बार दोबार सर्वे पर आकर टिक जाता है। पिछली बार रक्षा मंत्रालय, जिला प्रशासन व नगर निगम की टीम ने संयुक्त रूप से सर्वे किया था और इसकी अनुशंसा भी भेजी थीं, लेकिन फिर बात आगे नहीं बढ़ी। इस बार फिर नए सिरे से सर्वे किया जा रहा है। चंबल प्रोजेक्ट: अफसरों ने चेक किया पानी का प्रेशर चंबल नदी से ग्वालियर के तिघरा तक पानी लाने के प्रोजेक्ट में कंपनी मटेरियल और निर्माण क्वालिटी में गड़बड़ी न कर सके। इसलिए सप्लाई लाइन में लगने वाले हर पाइप का वजन किया जाएगा। ताकि डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही पाइप लग सके। सोमवार को सांसद भारत सिंह कुशवाह ने मुरैना के जड़ेरुआ में प्रोजेक्ट के लिए तैयार हो रहे पाइपों को देखकर अधिकारियों से ये बात कही। उन्होंने पाइपलाइन फैक्ट्री के अलावा देवरी में बनाए जा रहे संपवेल का भी निरीक्षण किया और चंबल योजना के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की। सांसद कुशवाह ने कहा कि बरसात से पूर्व संपवेल की एप्रोच रोड का निर्माण कार्य पूर्ण करा लिया जाए। 458 करोड़ रूपए लागत के इस चंबल प्रोजेक्ट के काम देखने के लिए सांसद के साथ कलेक्टर रुचिका चौहान, नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय भी पहुँचे। कलेक्टर चौहान ने चंबल प्रोजेक्ट के कार्यों की नियमित मॉनीटरिंग करने की बात कही। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने चंबल प्रोजेक्ट के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। मौके पर सभी पाइपों की प्रेशर स्ट्रेंथ भी चेक की। Post navigation Austria’s 3-party govt takes office, shutting out far right आवारा कुत्ते ने महिला का गाल खाया पांच साल के बच्चे को भी किया जख्मी