राजगढ़ जिले में जन्म के कुछ मिनट बाद ही कूड़े में फेंकी गई नवजात बच्ची जिंदगी की जंग हार गई। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन सोमवार शाम करीब 5 बजे जिला अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। गर्भनाल काटने में लापरवाही डॉक्टर आरएस. माथुर ने बताया कि नवजात को पचोर अस्पताल से सुबह 10:47 बजे जिला अस्पताल राजगढ़ लाया गया था, जहां उसे NSCU वार्ड में भर्ती किया गया। जब बच्ची अस्पताल पहुंची, तब वह सांस नहीं ले पा रही थी, इसलिए तुरंत उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत बिगड़ती गई। डॉक्टर माथुर ने बताया कि जिसने भी बच्ची की गर्भनाल काटी थी, उसने उसमें गांठ नहीं लगाई थी, जिससे खून लगातार बहता रहा। यही लापरवाही बच्ची की मौत की वजह बनी। कूड़े के ढेर में मिली थी बच्ची सोमवार सुबह आमलारोड़ गांव में कूड़े के ढेर में रोती हुई बच्ची को ग्रामीणों ने देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्ची को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और ठंड के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस निर्दयी मां ने अपनी ही संतान को इस तरह मरने के लिए क्यों छोड़ दिया? साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बच्ची का जन्म कहां हुआ और उसे फेंकने के पीछे कौन जिम्मेदार है। ये खबर भी पढ़ें… सारंगपुर के पचोर में कूड़े में मिली नवजात, महिलाओं ने सुनी बच्ची के रोने की आवाज सारंगपुर में पचोर के आमलारोड़ गांव में सोमवार सुबह 7 बजे कूड़े के ढेर में एक नवजात बच्ची मिली थी। शौच के लिए जा रही महिलाओं ने बच्ची की रोने की आवाज सुनकर उसके पास पहुंची फिर उन्होंने आसपास के लोगों को इकट्ठा किया और ग्राम सरपंच महेश पटेल को सूचना दी। सरपंच ने तुरंत डायल 100 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी दी। करीब एक घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। नवजात के शरीर पर जन्म के समय का खून भी लगा हुआ था, इसलिए तुरंत बच्ची को पचोर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… Post navigation हिंदू महासभा करेगी प्रदेश की मस्जिदों की निगरानी:प्रशासन को सौंपेगी रिपोर्ट; परीक्षा के समय बच्चों को होती है परेशानी तानसेन समारोह में नहीं बुलाने पर दुखी उस्ताद अमजद अली:बोले- दुनिया कंसर्ट के लिए बुलाती है, लेकिन अपने शहर ने ही याद नहीं किया