इंदौर के 309वें स्थापना दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर बड़ा रावला परिसर में गद्दी पूजन का आयोजन किया गया। समारोह में डॉ. जयदीपसिंह चौहान को राव राजा रतन की उपाधि से सम्मानित किया गया। इंदौर की नींव राव राजा नंदलाल मंडलोई ने मुगल काल में रखी थी। उन्होंने 3 मार्च 1716 को मुगल बादशाह से एक विशेष सनद प्राप्त की। इस सनद के कारण इंदौर कर मुक्त व्यापार का प्रमुख केंद्र बन गया। यह व्यापारिक छूट कन्याकुमारी से अफगानिस्तान तक लागू थी। युवराज वरदराज मंडलोई (जमींदार) ने इन्दौर स्थापना दिवस समारोह समिति द्वारा आयोजित तीन दिवसीय स्थापना दिवस समारोह के प्रथम दिन सभी अतिथियों व जनमानस को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमारे शहर का नाम प्रदेश ही नहीं अपितु देश-दुनिया में छाया हुआ है। उन्होंने बताया 1700 में कंपेल गांव से भी छोटा इंदौर आज भोपाल से भी बड़ा शहर बन चुका है। यह विकास 300 साल के कठिन परिश्रम का परिणाम है। इंदौर अब व्यापार और विकास दोनों क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है। स्थापना दिवस समारोह में सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न हस्तियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन 3 मार्च को बड़ा रावला परिसर में रंगारंग आतिशबाजी के साथ होगा। कन्याकुमारी से अफगानिस्तान तक कर मुक्त हुआ करता था व्यापार यही कारण हैं कि इन्दौर व्यापारिक राजधानी हैं। यह आजादी जो हमें प्राप्त की इसमें कई सैनिकों ने इसमें अपना बलिदान दिया हैं और आज अपना इन्दौर एक वटवृक्ष के रूप में खड़ा है। राव राजा राव नंदलाल मंडलोई ने इन्दौर की नींव रखी तभी यहां का व्यापार कन्याकुमारी से अफगानिस्तान तक कर मुक्त हुआ करता था। राव नंदलाल मंडलोई ने रखी थी इन्दौर की नीव राव राजा राव नंदलाल मंडलोई ने उस समय इन्दौर की नींव रखी थी जब मुगलों का शासन काल हुआ करता था। उन्होंने यहां की जनता के लिए व्यापार में खुशहाली, उन्नति और समृद्धि के लिए मुगलों से 3 मार्च 1716 में मुगल बादशाह से एक सनद ली, जिससे इन्दौर कर मुक्त व्यापार का केंद्र बन सका। वहीं उन्होंने उनके नाम से करमुक्त क्षेत्र नंदलालपुरा की नीव भी डाली। नंदलालपुरा ही वह क्षेत्र रहा जहां व्यापारी सर्वप्रथम कर मुक्त व्यापार कर सकते थे। वहीं उनके ही शासन काल में चंपाबाग, कुंजवन, चांदनीवाला बाग, केक्डीवाला बाग, गुलर बाग, प्रेम बाग, शंकर बाग, अनार बाग एवं नवलखा बाग का निर्माण कराया। यह बाग इन्दौर शहर के वो पुरातन बाग हैं जिसको आज भी इन्हीं नामों से जाना व पहचाना जाता है। शिक्षा, चिकित्सा व योग से जुड़ी विभूतियों का सम्मान अतिथियों ने इन्दौर शहर की जनता से भी इन्दौर के इस स्थापना दिवस समारोह में अपनी सहभागिता निभाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन्दौर की स्थापना करने में किए गए योगदान के लिए यह शहर और यहां की जनता सदैव राव राजा राव नंदलाल मंडलोई को स्मरण करेगी एवं उनके विकास कार्यों के लिए ऋणी रहेगी।श्री इन्दौर स्थापना दिवस समारोह समिति के युवराज वरदराज मंडलोई जमींदार, राव राजा राव श्रीकांत मंडलोई जमींदार, रानी माधवी मंडलोई एवं राजाबाई श्रिया मंडलोई ने बताया कि कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ की गई। इसके पश्चात सभी अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए साथ ही शिक्षा, चिकित्सा व योग से जुड़ी विभूतियों का सम्मान किया गया। जिसमें डॉ. भरत वाजपेयी (गोविंद वल्लभ पंत, जिला अस्पातल पोस्टमार्टम प्रभारी), डॉ. जयदीपसिंह चौहान (सर्जन) एवं राकेश चौधरी का शाल-श्रीफल व मेमोटों भेंट कर सम्मान किया गया। समारोह के दौरान डॉ. जयदीपसिंह चौहान को राव राजा रतन की उपाधि से अलंकृत किया गया। स्थापना दिवस समारोह में राव राजा राव नंदलाल मंडलोई द्वारा शहर हित में किए गए विकास कार्यों से भी सभी अतिथियों और शहर की जनता को अवगत कराया गया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर रामगोपालदास महाराज, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, लोकप्रिय कवि सत्यनारायण सत्तन, पं. दीपेश व्यास, पं. अशोक भट्ट, नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक, नरेंद्रसिंह बिड़वाल, कुंवर दिव्य आदित्य शाह ने इस कार्यक्रम की सराहना की और शहर की जनता व अन्य संगठनों से भी इस कार्यक्रम में जुडऩे का आग्रह किया। स्थापना दिवस कार्यक्रम में धार्मिक, सामाजिक, चिकित्सा व प्रशासनिक अधिकारियों ने भी शिरकत की। कार्यक्रम का संचालन हेमेंद्र पाठक ने किया एवं आभार राजेश पाठक ने माना। कवि सम्मेलन हुआ सम्मान समारोह के पश्चात कवि सम्मेलन आयोजित हुआ। जिसमें ख्याति प्राप्त कवियों ने सभी श्रोताओं को मध्यरात्रि तक गुदगुदाया। कवि सम्मेलन में कवियों ने देशभक्ति, राष्ट्रभक्ति व राम भक्ति की कविताओं व रचनाओं की प्रस्तुति से कवि सम्मेलन प्रेमियों को बांधे रखा। कवि सम्मेलन के सूत्रधार कवि सत्यनारायण सत्तन थे। 3 मार्च को मनाया जाएगा इन्दौर का स्थापना दिवस समारोह श्री इन्दौर स्थापना दिवस समारोह समिति के वरदराज मंडलोई ने बताया कि रविवार 2 मार्च को जमींदार परिवार द्वारा गौ सेवा एवं परमार्थ के कार्य किए गए। तीन दिवसीय महोत्सव का मुख्य उत्सव 309 वां स्थापना दिवस समारोह सोमवार 3 मार्च को मनाया जाएगा। जिसमें सुबह 9.30 बजे चंपाबाग व दौलतगंज स्थित छत्रियों का पूजन विद्वान पंडि़तों के सान्निध्य में किया जाएगा। वहीं श्री गौड़ विद्या मंदिर परिसर में गणपति पूजन व बड़ा रावला परिसर में राव राजा राव नंदलाल मंडलोई की गादी का पूजन होगा। इन्दौर स्थापना दिवस पर शाम 7 बजे से बड़ा रावला परिसर के मुख्य गेट पर रंगारंग आतिशबाजी भी इस दौरान की जाएगी। Post navigation थाने में टीआई की बर्थडे पार्टी, पुलिसकर्मियों ने लगाए ठुमके:डेकोरेशन कर केक काटा, वीडियो भी बनाया; पन्ना एसपी ने किया लाइन अटैच कटनी पहुंचे सीएम मोहन यादव:झिंझरी हेलीपैड पर सांसद, विधायक और अधिकारियों ने किया स्वागत