पीथमपुर में 31 घंटे में 4,860 किलो कचरा जलाया जा चुका… अभी दो दिन और जलता रहेगा पीथमपुर की रामकी एनवायरो कंपनी में यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने का काम दूसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार दोपहर 3 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक 31 घंटे में 4,860 किलो कचरा जलाया जा चुका था। सबके खास बात यह है कि जिस कचरे को जहरीला बताया गया, उसे जब इन्सीनरेटर में जलाया गया तो जहरीली गैसों का उत्सर्जन 90% तक कम रहा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की 24 घंटे की निगरानी रिपोर्ट के अनुसार, उत्सर्जन तय मानकों से 50% से 90% तक कम रहा। कचरा जलाते समय निकलने वाली फ्लू गैसों की सफाई के लिए 3.6 टन लाइम, 1.8 टन एक्टिवेटेड कार्बन और 24 किलो सल्फर का उपयोग किया गया, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचा। प्रमुख प्रदूषकों में सल्फर डाईऑक्साइड का उत्सर्जन 69% कम, नाइट्रोजन ऑक्साइड का 86.87% कम, कार्बन मोनोऑक्साइड का 90% कम और हाइड्रोजन क्लोराइड का 98.6% कम रहा। कचरा जलाने का ट्रायल सोमवार तक जारी रहेगा : ट्रायल
रन सोमवार दोपहर 3 बजे तक चलेगा, जिसमें कुल 10 मीट्रिक टन कचरा जलाने का लक्ष्य है। सल्फर डाईऑक्साइड से सांस की समस्याएं होती है। नाइट्रोजन ऑक्साइड फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है। कार्बन मोनोऑक्साइड खून में ऑक्सीजन की आपूर्ति को बाधित कर सकती है। इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। हाइड्रोजन क्लोराइड से आंखों, गले और फेफड़ों में जलन हो सकती है। अच्छी बात रही कि इनका उत्सर्जन बहुत कम रहा। अब हल्का पड़ने लगा विरोध महिलाओं का विरोध, केस दर्ज : ट्रायल के विरोध में कुछ महिलाओं ने बस स्टैंड पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में केस दर्ज किया है। कंपनी के आसपास पुलिस बल तैनात है।
21 हजार लीटर डीजल की खपत : इन्सीनरेटर में हर घंटे 135 किलो कचरा और 135 किलो चूना मिलाकर जलाया जा रहा है। इस दौरान 400 से 500 लीटर डीजल की खपत हो रही है। अब तक 31 घंटे में 28 हजार लीटर डीजल खर्च हो चुका है। 72 घंटे में 63 हजार लीटर डीजल खपत होने का अनुमान है।
3 जगहों पर प्रदूषण मापक यंत्र: पर्यावरण पर नजर रखने के लिए तीन गांवों- चीराखान, चिकलता व तारपुरा में प्रदूषण मापक यंत्र लगाए गए हैं। चिमनी से निकलने वाले धुएं की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है, जो निर्धारित मानक सीमा के भीतर ही है।